एचडीएफसी का चौथी तिमाही का मुनाफा 22 प्रतिशत घटा

बीएस संवाददाता और एजेंसियां | नई दिल्ली/कोलकाता May 04, 2017 09:43 PM IST

एचडीएफसी लिमिटेड ने कहा कि मार्च 2017 को समाप्त तिमाही में उसका एकल शुद्ध लाभ 21.6 फीसदी घटकर 2,044.20 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने जनवरी-मार्च 2015-16 की तिमाही में एकल आधार पर 2607.05 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने कहा कि आलोच्य तिमाही में उसकी कुल आय (एकल आधार पर) घटकर 8,514.51 करोड़ रुपये रह गई, जो कि एक साल पहले 9,225.72 करोड़ रुपये रही थी। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2016-17 में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 7442.64 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो कि एक साल पहले 7,093.10 करोड़ रुपये रहा था। एचडीएफसी के निदेशक मंडल की बैठक गुरुवार को हुई, जिसमें तिमाही परिणामों को मंजूरी दी गई। बैठक में 2016-17 के लिए 15 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की गई। 

 
बैंक ऑफ महाराष्ट्र का घाटा बढ़ा 
 
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र को मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में 455.45 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। इसके पीछे अहम कारण फंसे हुए कर्ज के लिए प्रावधान बढऩा है। पिछले वित्त वर्ष 2015-16 की जनवरी-मार्च तिमाही में उसे 119.84 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। बैंक ने बताया कि उसका घाटा पिछली तिमाही में रहे 182.51 करोड़ रुपये के घाटे की तुलना में बढ़ा है। पूरे वित्त वर्ष 2016-17 के लिए बैंक का कुल घाटा 1,372.51 करोड़ रुपये रहा है जबकि 2015-16 के दौरान उसे 100.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। मार्च 2017 के अंत तक बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) उसके सकल ऋण का 16.93 फीसदी रही हैं, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 9.34 फीसदी थीं। 
 
इमामी को नोटबंदी व मंदी का झटका
 
नोटबंदी और इसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मंदी के चलते कोलकाता की इमामी लिमिटेड का एकीकृत राजस्व मार्च में समाप्त तिमाही में 4.3 फीसदी घटकर 578 करोड़ रुपये रहा। कंपनी हालांकि अपना मुनाफा मार्जिन को 83 करोड़ रुपये पर बनाए रखने में सफल रही। जनवरी-मार्च के दौरान इमामी का शुद्ध लाभ 82 करोड़ रुपये रही जबकि इसकी कुल आय 604 करोड़ रुपये रही। कंपनी के निदेशक हर्ष अग्रवाल ने कहा, नोटबंदी के बाद बाजार में सतर्कता भरे माहौल के बाद हम उद्योग के सुस्ती वाले माहौल के मुकाबले ठीक-ठाक तिमाही नतीजे पेश करते हुए खुश हैं। एक बयान में कंपनी ने कहा कि देसी राजस्व नोटबंदी के बाद प्रभावित हुआ जबकि अंतरराष्ट्रीय राजस्व पर भूराजनैतिक स्थिति का असर पड़ा। कंपनी का देसी राजस्व 3 फीसदी बढ़कर 487 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर कंपनी ने कुल परिचालन आय में छह फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 2,533 करोड़ रुपये रहा जबकि एबिटा में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह वित्त वर्ष 2016-17 में 759 करोड़ रुपये रहा।
 
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने दर्ज किया मुनाफा
 
रियल्टी क्षेत्र की गोदरेज प्रॉपर्टीज का मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 63 करोड़ रुपये रहा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी को 12 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि जनवरी-मार्च तिमाही में उसकी कुल आय 21 फीसदी बढ़कर 475 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2015-16 की इसी तिमाही में 392 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2016-17 में कंपनी का शुद्ध लाभ 30 फीसदी बढ़कर 207 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 159 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी की कुल आय 24 फीसदी घटकर 1,733 करोड़ रुपये रही है। 
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