आंध्रा बैंक : अतिरिक्त रकम पर स्पष्टता नहीं

बीएस संवाददाता | हैदराबाद May 08, 2017 09:34 PM IST

बढ़ते एनपीए के चलते मुश्किल वक्त का सामना कर रहे आंध्रा बैंक का मानना है कि भारत सरकार से मिली 1,100 करोड़ रुपये की पूंजी मौजूदा साल के दौरान कारोबारी बढ़त के लिहाज से कमोबेश पर्याप्त होगी। शनिवार को आयोजित असाधारण आम बैठक में बैंक ने 1,100 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने की मंजूरी शेयरधारकों से मांगी, जो पहले ही केंद्र सरकार दे चुकी है। इसके अलावा बैंक एफपीओ या निजी नियोजन के जरिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के लिए भी मंजूरी चाह रहा है।
 
आंध्रा बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, सरकार की तरफ से उपलब्ध कराई गई पूंजी मौजूदा वर्ष में जरूरतें पूरी करने के लिए कमोबेश पर्याप्त है। जहां तक अतिरिक्त पूंजी जुटाने का सवाल है, यह विशुद्ध रूप से वास्तविक जरूरत पर निर्भर करेगी। हमने प्रस्ताव में किसी खास रकम का संकेत नहीं दिया है क्योंंकि हमने इस बारे में अभी आकलन नहीं किया है।
 
उधारी की सुस्त रफ्तार, एनपीए की समस्या में इजाफा आदि से वित्त वर्ष 2016-17 की नौ महीने की अवधि में बैंक के मुनाफे पर भारी चोट पड़ी है। दिसंबर 2016 में बैंक का सकल एनपीए और शुद्ध एनपीए 11.68 फीसदी व 6.98 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में क्रमश: 7 फीसदी व 3.89 फीसदी रहा था। दिसंबर में समाप्त नौ महीने की अवधि में बैंक का शुद्ध लाभ घटकर 139 करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 488 करोड़ रुपये रहा था क्योंकि इसे फंसे कर्ज की खातिर प्रावधान में इजाफा करना पड़ा। वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में बैंक के प्रदर्शन के बारे में 16 मई को जानकारी मिलेगी जब बैंक वित्तीय नतीजे घोषित करेगा। दिसंबर में समाप्त नौ महीने की अवधि में बैंक उधारी में सिर्फ 4.52 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज कर पाया क्योंकि कंपनी कर्ज आदि में 0.5 फीसदी की नकारात्मक बढ़त दर्ज हुई।
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