कर्ज के लिए तेल राजस्व पर वीडियोकॉन का दांव

कृष्ण कांत और देव चटर्जी | मुंबई May 15, 2017 09:52 PM IST

सरकारी क्षेत्र के देना बैंक वीडियोकॉन को दिए कर्ज को गैर-निष्पादित आस्तियां बता रहा है, लिहाजा कंपनी अपनी विदेशी तेल व गैस संपत्तियों से मिले मुनाफे व देसी टिकाऊ उपभोक्ता कारोबार के चुनिंदा विनिवेश से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल बैंक का कर्ज चुकाने के लिए करने की बात कही है। समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने इस बाबत योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा, इंडोनेशिया व ब्राजील में हमारे पास दो बड़े तेल ब्लॉक हैं, जहां जल्द उत्पादन शुरू होगा। ये काफी लाभकारी हो सकते हैं और इसके जरिए हम अपने देसी कर्ज को अगले कुछ सालों में काफी कम कर सकते हैं। उनके मुताबिक, इंडोनेशिया के ब्लॉक में अगले साल या साल 2019 के शुरुआत में उत्पादन शुरू हो सकता है जबकि ब्राजील के ब्लॉक में तेल का उत्पादन 2020 में होने का अनुमान है।
 
उनके मुताबिक, वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के ऊपर एकीकृत आधार पर करीब 44,000 करोड़ रुपये कर्ज है, जो देसी व विदेशी कारोबार में समान रूप से बंटा हुआ है। इसकी तुलना में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज का एकीकृत कर्ज दिसंबर 2015 के आखिर में करीब 47,500 करोड़ रुपये था। इसी साल के कंपनी के अंकेक्षित एकीकृत वित्तीय आंकड़े उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा, वीडियोकॉन के पास इंडोनेशिया के नुनूकन ऑफशोर ब्लॉक की 23 फीसदी हिस्सेदारी है। ब्लॉक में तेल भंडार अनुमानित तौर पर 35.16 करोड़ बैरल है जो मौजूदा तेल कीमत के लिहाज से 24.61 अरब अमेरिकी डॉलर का है। इसमें से वीडियोकॉन की 23 फीसदी हिस्सेदारी की कीमत 2.5 अरब डॉलर बैठती है। समूह की विदेशी परिसंपत्तियों की कुल कीमत (ब्राजील की संपत्ति समेत) 12 अरब डॉलर यानी 75,000 करोड़ रुपये है।
 
धूत ने कहा, कंपनी मोजांबिक गैस क्षेत्र की कामयाबी दोहराना चाहती है, जो उसने करीब 2.5 अरब डॉलर यानी करीब 13,500 करोड़ रुपये में साल 2013 की आखिरी तिमाही में बेची थी। उन्होंने कहा, हम इंडोनेशिया की संपत्ति नहीं बेचेंगे बल्कि इससे मिलने वाले लाभ का इस्तेमाल वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के देसी कर्ज के भुगतान में करेंगे। कंपनी पहले ही कर्ज की समयावधि में इजाफे के लिए बैंकों के पास आवेदन कर चुकी है।
 
कंपनी के ट्रैक रिकॉर्ड और भारी भरकम रकम को देखते हुए विश्लेषकों ने हालांकि वीडियोकॉन की हालिया योजना पर संदेह जताया है। एक विश्लेषक ने कहा, मोजांबिक गैस ब्लॉक की बिक्री से मिलने वाली रकम के तीन साल बाद भी कंपनी के कर्ज या ब्याज में किसी तरह की अर्थपूर्ण गिरावट के संकेत नहीं मिले हैं। मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि इंडोनेशिया से मिलने वाले राजस्व की मात्रा पर स्पष्टता के अभाव में किस तरह से हालिया कदम कारगर होगा।
 
कंपनी ने दिसंबर 2014 में समाप्त वित्त वर्ष में निवेश की बिक्री से 13,898 करोड़ रुपये हासिल किए। यह फायदा हालांकि कंपनी की बैलेंस शीट पर स्पष्ट नजर नहीं आया और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज का एकीकृत कर्ज दिसंबर 2015 के आखिर में करीब 2200 करोड़ रुपये था। देसी कर्ज के मामले में भी स्थिति ऐसी ही थी। एकल आधार पर कंपी का सकल कर्ज दिसंबर 2015 में समाप्त छह महीने की अवधि के मुकाबले जून 2016 में छमाही आधार पर 1000 करोड़ रुपये बढ़कर करीब 24,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
 
धूत इसके लिए मोजांबिक के उच्च कर्ज और बैंक की तरफ से एस्क्रो खाते में खासी रकम ब्लॉक करने को जिम्मेदार ठहराते हैं। धूत ने कहा, हमें बिक्री से करीब 9,500 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान में किया गया। हमने कुछ नकदी का इस्तेमाल ब्याज भुगतान में किया जबकि बाकी हमारे बैंक खाते में है (एस्क्रो खाते में मौजूदा 2,000 करोड़ रुपये समेत)।
 
कंपनी अपने कर्ज की समस्या के लिए दूरसंचार उद्यम को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। धूत ने कहा, दूरसंचार कारोबार (दूरसंचार सहायक में पैरेंट कंपनी की इक्विटी समेत) में हमने कर्ज के जरिए निवेश किया था। उच्चतम न्यायालय की तरफ से लाइसेंस रद्द किए जाने से यह एनपीए बन गया। साल 2013 में उफान के समय दूरसंचार उद्यम के पास करीब 6500 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां थी। पिछले साल मार्च में कंपनी ने भारती एयरटेल के साथ दूरसंचार स्पेक्ट्रम 4,428 करोड़ रुपये में बेचने के लिए करार किया। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पास छह दूरसंचार सर्किल में 1800 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल का अधिकार है।
 
कर्ज घटाने के लिए कंपनी 10,000 करोड़ रुपये की रियल एस्टेट संपत्तियां भी बेच रही है। कंपनी का मुख्यालय फोर्ट मुंबई पहले ही 300 करोड़ रुपये में बिक चुका है। समूह की रकम बिजली व कोयला कारोबार में भी फंसी है, जहां नए खरीदार के लिए बुनियादी ढांचा तैयार है और वह पावर प्लांट का काम शुरू कर सकता है। धूत ने कहा, हमारे पास मध्य प्रदेश में 1500 एकड़ और रायपुर में 700 एकड़ जमीन बुनियादी ढांचा के साथ है। चूंकि काफी रकम इन अटकी परियोजनाओं में फंसी है, लिहाजा हमें इन परियोजनाओं से निकलना होगा।
 
बाजार कंपनी के शेयर कीमत पर भी संशयवाद दिखा रहा है। वीडियोकॉन के शेयर की कीमत दिसंबर 2015 से करीब 15 फीसदी टूटी है, जबकि कंपनी को संपत्ति बिक्री से करीब 20,000 करोड़ रुपये मिले। इस अवधि में बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स करीब 16 फीसदी चढ़ा। वीडियोकॉन का बाजार पूंजीकरण अभी करीब 3,350 करोड़ रुपये है, जो इसके कुल एकीकृत कर्ज का एक हिस्सा भर है। समूह अपना सामान्य बीमा कारोबार का हिस्सा 5000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन पर बेचना चाहता है, जो कर्ज घटाने का अतिरिक्त कदम है। अन्य मशहूर ब्रांड केनस्टार भी बिक्री की सूची में है।
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