आईडीबीआई बैंक का घाटा 3,199 करोड़ रु.

अभिजित लेले | मुंबई May 18, 2017 09:41 PM IST

फंसे कर्ज के लिए प्रावधान में इजाफा होने से आईडीबीआई बैंक का शुद्ध नुकसान मार्च 2017 में समाप्त चौथी तिमाही में बढ़कर 3,199 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। जनवरी-मार्च 2016 के दौरान इसका नुकसान 1,735 करोड़ रुपये रहा था। चौथी तिमाही में इसका परिचालन लाभ घटकर 1,389 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,595 करोड़ रुपये रहा था। आज बैंक का शेयर बीएसई पर 7.7 फीसदी टूटकर 70 रुपये पर बंद हुआ।
 
2016-17 में बैंक का नुकसान 5,158 करोड़ रुपये रहा, जो 2015-16 में 3,664 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां बहुत ज्यादा होने और संपत्ति पर नकारात्मक रिटर्न के चलते भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही बैंक को पीसीए की व्यवस्था के दायरे में ला दिया है। इसका मतलब अनिवार्य उपचारात्मक कदम मसलन पूंजी का स्तर बढ़ाना, लाभांश भुगतान व शाखाओं के विस्तार पर पाबंदी है। पीसीए से बाहर निकलने की खातिर विकट परिस्थिति में बैंक को प्रबंधन के मुआवजे पर पाबंदी लगानी पड़ सकती है। 
 
बैंक की शुद्ध ब्याज आय तिमाही के दौरान 14 फीसदी बढ़कर 1,633 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 1,428 करोड़ रुपये रही थी। एनपीए के लिए प्रावधान कई गुना बढ़कर चौथी तिमाही में 5,333 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 2015-16 की चौथी तिमाही में 185 करोड़ रुपये रहा था। मार्च 2017 के आखिर में प्रावधान कवरेज अनुपात 54.96 फीसदी था। मार्च 2017 में इसका एनपीए बढ़कर 44,752 करोड़ (21.25 फीसदी) पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 24,875 करोड़ रुपये (10.98 फीसदी) रहा था। इसका शुद्ध एनपीए मार्च 2017 में 25,205 करोड़ रुपये (13.21 फीसदी) था, जो मार्च 2016 में 14,643 करोड़ रुपये (6.78 फीसदी) था।
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