10 मामलों में कदम उठाने पर विचार कर रहा आईडीबीआई

अभिजित लेले | मुंबई May 29, 2017 09:44 PM IST

लोन डिफॉल्टरों से वसूली की तैयारी

बैंक एनसीएलटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मध्यम आकार वाले एंटरप्राइजेज के लिए करेगा जहां है इसका अधिकतम कर्ज
जिन खातों पर कदम उठाने का विचार हो रहा है वे हैं 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के

आईडीबीआई बैंक 10 कॉरपोरेट लोन डिफॉल्टरों से वसूली के लिए उन्हें नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में घसीटने की योजना बना रहा है। मुंबई के सरकारी बैंक ने भाटिया ग्लोबल ट्रेडिंग और एशियन नैचुरल रिसोर्सेस के मामले में एनसीएलटी की अहमदाबाद बेंच से इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल्स की नियुक्ति का आदेश हासिल किया है। इस आदेश से बैंक को दिवालिया समाधान प्रक्रिया शुरू करने की शक्ति मिल गई है।

आईडीबीआई बैंक के अधिकारी ने कहा, पिछले साल से प्रभावी दिवालिया संहिता रकम वापस पाने के लिहाज से कारगर हथियार है। बैंक एनसीएलटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मध्यम आकार वाले एंटरप्राइजेज के लिए करेगा, जहां इसका अधिकतम कर्ज है। जिन खातों पर कदम उठाने का विचार हो रहा है वे 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं। बैंक का शेयर लगातार दूसरे साल नुकसान दर्ज करने के चलते टूटा है। 18 मई से इसका शेयर 16 फीसदी टूटा है। बैंक ने 19 मई को नतीजे का ऐलान किया था।

31 मार्च को समाप्त वर्ष में आईडीबीआई बैंक ने 5,158 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान दर्ज किया, जबकि पहले इसका शुद्ध नुकसान 3,665 करोड़ रुपये रहा था। बैंंक ने बड़े खातों से कर्ज वसूली की खातिर एक अलग विभाग बनाया है। इसका इरादा मौजूदा वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज की वसूली करेगा और उसका उन्नयन करेगा। बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी एम के जैन ने पिछले हफ्ते कहा था, कर्ज वसूली की कोशिशें विभिन्न खातों के मामले में हो रही है, जिनमें कॉरपोरेट, एसएमई और खुदरा शामिल हैं। 2016-17 में आईडीबीआई बैंक ने एनपीए में तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की और यह 2015-16 के 19,087 करोड़ रुपये के मुकाबले 2016-17 में 27,575 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 2016-17 में रिकवरी और अपग्रेड 4,849 करोड़ रुपये पर पहुंचा।
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