लौटेगा पौने दो लाख करोड़ रुपये का बकाया

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Jun 13, 2017 10:41 AM IST

12 खातों की हुई पहचान

भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि उसकी आंतरिक सलाहकार समिति ने 12 ऐसे खातों की पहचान की है, जिन्हें इनसॉल्वेंसी एवं दिवालिया संहिता के तहत निपटारे के लिए तुरंत भेजा जाएगा। बैंकिंग तंत्र के कुल फंसे कर्ज या गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में 25 फीसदी हिस्सेदारी इन्हीं खातों की है। लेकिन बैंक ने उन खातों के नाम नहीं दिए। इसी वर्ष मार्च में बैंकिंग तंत्र का कुल 7.11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बुरी तरह फंसा हुआ था और 'बैड लोन' की श्रेणी में आ गया था। इसका मतलब है कि 12 खातों में लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को ही कहा था कि फंसे कर्ज का एक हिस्सा जल्द ही वसूल कर लिया जाएगा।

जब किसी खाते को दिवालिया संहिता के तहत लाया जाता है तो 180 दिन के भीतर बैंक को फैसला करना होता है कि उसे कैसे निपटाया जाए। उसे अधिक से अधिक 90 दिन और दिए जा सकते हैं। इस दौरान निपटान करने वाले पेशेवरों का दल कंपनी का प्रबंधन अपने हाथ में ले लेता है और कंपनी के खिलाफ सभी दावे इकट्ठे_ïे कर संबंधित पक्षों को सूचना देता है। बैंकरों ने बताया कि बैंकिंग उद्योग ने 70 ऐसे मामलों की फाइल पहले ही तैयार कर रखी हैं। जैसे ही रिजर्व बैंक इसकी रूपरेखा तैयार करता है, मामले उसे सौंप दिए जाएंगे।
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