खाता खोलने के लिए आधार जरूरी

एजेंसियां | नई दिल्ली Jun 16, 2017 09:47 PM IST

सरकार ने बैंक खाते खोलने और 50,000 रुपये और इससे अधिक रकम के वित्तीय लेनदेन के लिए आधार अनिवार्य बना दिया है। राजस्व विभाग की एक अधिसूचना के अनुसार मौजूदा बैंक खाता धारकों से भारतीय विशिष्टï पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा जारी आधार नंबर को 31 दिसंबर 2017 तक मुहैया कराने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर उनके खाते बंद कर दिए जाएंगे। 
 
बजट 2017 में सरकार आधार क्रमांक पैन से जोडऩे की प्रक्रिया  अनिवार्य बना चुकी है, जिससे लोग कर बचाने के लिए अलग अलग पैन का इस्तेमाल न कर सकें। राजस्व विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में प्रीवेंशन ऑफ मनी-लॉन्डरिंग (मेंटेनेंस ऑफ रिकॉड्ïर्स) रूल्स, 2005 में संशोधन, लोगों, कंपनियों और भागीदार फर्मों द्वारा 50,000 रुपये या इससे अधिक के सभी वित्तीय लेनदेन के लिए पैन या फॉर्म 60 के साथ आधार को जोड़ा जाना अनिवार्य किया गया है। छोटे खातों के लिए नियमों में बदलाव  किए गए हैं। नए संशोधन के अनुसार ऐसे खातों में 50,000 रुपये की अधिकतम रकम जमा की जा सकती है और वह भी ऐसी शखााओं मेंं  जहां कोर बैंकिंग सॉल्युशन की सुविधा उपलब्ध है।
 
संशोधित पीएमएलए नियमों में कहा गया है कि ये खाते उस शाखा पर भी खोले जा सकेंगे जहां इन पर पारंपरिक रूप से निगरानी रख पाना और यह सुनिश्चित करना संभव हो कि इनमें विदेशी रकम जमा न हो और लेनदेन और रकम की मासिक और सालाना सीमा का उल्लंघन न हो। नए नियमों में कहा गया है, 'छोटे खाते पर नजर रखी जाएगी और जब इसमें किसी तरह की मनी लॉन्डरिंग, आतंकवाद के लिए वित्तीय मदद या अन्य जोखिम वाले लेनदेन की आशंका दिखेगी तो संबद्घ दावे की पहचान आधिकारिक वैध दस्तावेजों के निर्माण के जरिये की जाएगी।'
 
संशोधन में लोगों, कंपनियों और भागीदार फर्मों को 1 जून से 50,000 रुपये या उससे अधिक के वित्तीय लेनदेन के लिए पैन या फॉर्म 60 के साथ आधार जोडऩा अनिवार्य बनाया गया है। 1 जून के बाद यदि व्यक्ति के पास खाता खुलवाते समय आधार क्रमांक नहीं होता है तो उसे आधार के लिए आवेदन का सबूत देना होगा और खाता खुल जाने के 6 महीने के अंदर आधार नंबर सौंपना होगा।
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