चाहिए चैन तो जल्द ही आधार से जोड़ लें पैन

प्रिया नायर |  Jun 28, 2017 10:07 PM IST

सरकार ने 50,000 रुपये से अधिक के किसी भी तरह के बैंकिंग लेनदेन के लिए आधार को अनिवार्य बनाया है। इससे कई लोगों की उलझन बढ़ गई है। बैंक उपभोक्ताओं के मन में भ्रम का कारण है सरकार की अधिसूचना जो जारी तो 16 जून से हुई है मगर यह लागू 1 जून से ही होगी। जाहिर है कई लोगों ने 1 से 16 जून के बीच लेनदेन किए होंगे। उदाहरण के लिए, अनेक ग्राहकों ने 50,000 रुपये का इस्तेमाल म्युचुअल फंडों में निवेश, सावधि जमा खोलने या बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए किया होगा।

 
लेकिन सिर्फ उपभोक्ता ही इस नए दिशा निर्देश से पसोपेश में नहीं पड़े हैं। बैंक वाले भी भ्रम में हैं। उनको अभी अपने नियामक आरबीआई के दिशा-निर्देश का इंतजार है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि हालांकि वे अपने ग्राहकों को अपना आधार नंबर अपने पैन कार्ड से जोडऩे की सलाह दे रहे हैं जिससे कि भविष्य में किसी तरह की कोई समस्या न हो। इस समय नियम यह है कि यदि आप 50,000 रुपये से अधिक का लेनदेन करते हैं तो आपको बैंक को अपना पैन नंबर देना होता है। 
 
एक सरकारी बैंक में महा प्रबंधक (परिचालन प्रभार) ने कहा, 'यह नियम हर तरह के बैंकिंग लेनदेन के लिए लागू होगा, चाहे यह नकद जमा हो या निकासी, चेक से लेनदेन हो या नेट बैंकिंग सेे। इस समय हम किसी भी तरह के लेनदेन को नहीं रोकेंगे, भले ही बैंक खाते को आधार नंबर से नहीं जोड़ा गया हो क्योंकि हमें इस संबंध में आरबीआई से कोई अधिसूचना नहीं मिली है। लेकिन भविष्य में यह अनिवार्य होगा क्योंकि सरकार ने इस सिलसिले में अधिसूचना जारी कर दी है।' एक दूसरे सरकारी बैंक  में नो यॉर कस्टमर (केवाईसी) मानकों के लिए प्रभारी एक अधिकारी ने कहा कि यदि खाते को आधार नंबर से नहीं जोड़ा गया है तो हम अपने कानूनी विभाग से यह राय ले सकते हैं कि ग्राहक को 50,000 रुपये से अधिक के लेनदेन की अनुमति के बारे में क्या कदम उठाया जाना चाहिए?
 
हाल में जारी की गई सरकारी अधिसूचना के अनुसार न केवल बैंक खाता खुलवाने बल्कि 50,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए भी अब आधार अनिवार्य है। अगर आपके पास खाता खुलवाते वक्त आधार नंबर नहीं है तो आपके पास इसे सौंपने के लिए 31 दिसंबर तक का समय है। यदि आधार नंबर बैंक खाते से नहीं जुड़ा हुआ है तो आपका खाता 31 दिसंबर के बाद बंद हो जाएगा।
 
छोटे खाते बगैर केवाईसी के खोले जा सकते हैं और इनमें 50,000 रुपये से अधिक का लेनदेन नहीं किया जा सकता। ये छोटे खाते भी अब सिर्फ उन बैंक शाखाओं में ही खोले जा सकेंगे जहां कोर बैंकिंग सुविधा मौजूद है। ऐसे खातों की बेहतर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए ऐसा करना जरूरी है। इस समय 50,000 रुपये से अधिक के सभी लेनदेन के लिए पैन नंबर अनिवार्य है। ईवाई इंडिया में पीपल एडवायजरी सर्विसेज के पार्टनर अमरपाल एस चड्ढïा का कहना है कि आधार को अनिवार्य बनाने का उद्देश्य पैन और आधार को जोडऩा है। वह कहते हैं, 'डुप्लीकेट पैन की समस्या बनी हुई है और आधार के बजाय पैन प्राप्त करना आसान है। पैन को आधार से जोड़कर सरकार उसका पिछला रिकार्ड तैयार करना चाहती है। हालांकि इससे कुछ बैंक ग्राहकों को शुरू में असुविधा हो सकती है, लेकिन दीर्घावधि के लिहाज से यह सरकार की अच्छी पहल है।' 
 
आधार नंबर को बैंक खाते से जोडऩा बेहद आसान है। यह काम नेट बैंकिंग, एसएमएस के जरिये और शाखा में जाकर या बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (बीसी) के जरिये किया जा सकता है। इसे नेट बैंकिंग से जोडऩे के लिए आपको अपने बैंक खाते में लॉग इन करने, आधार क्रमांक डालने के विकल्प पर क्लिक करने और 12 अंक का आधार नंबर डालने की जरूरत है। इस दौरान आपके सामने एक स्क्रीन उभरेगा जिसमें ट्रांजेक्शन नंबर दिखेगा। साथ ही यह बताएगा कि आधार संख्या दर्ज होने में कितने दिन लगेंगे। इस प्रक्रिया के पूरा होने पर आपको अपने बैंक से इस बारे में अलर्ट मिलता है कि आधार को जोडऩे का कार्य पूरा हो गया है। एसएमएस से जोडऩे के लिए आपको अपने बैंक को एसएमएस भेजना होगा जिसमें आधार संख्या और खाता संख्या लिखना होगा। एक बार यह जुडऩे पर आपको एसएमएस अलर्ट मिलेगा क िजोडऩे का काम पूरा हो गया है। वहीं बैंक शाखा या बीसी के जरिये जोडऩे के लिए आपको अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी मुहैया कराने की जरूरत होगी। कुछ बैंक एटीएम के जरिये भी यह सुविधा मुहैया कराते हैं। इसलिए यह बी एक विकल्प है। 
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