बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर तेज

शुभायन चक्रवर्ती | नई दिल्ली Jun 30, 2017 10:24 PM IST

बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर मई में बढ़कर 3.6 प्रतिशत हो गई, जो इसके पहले अप्रैल महीने में 2.8 प्रतिशत थी। यह सुधार मुख्य रूप से बिजली क्षेत्र की वजह से हुई, जिसे रिफाइनरी उत्पादों और प्राकृतिक गैस क्षेत्र का भी समर्थन मिला। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि 8 बुनियादी उद्योगों, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली की कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीने में वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत रही।
 
पिछले वित्त वर्ष 2016-17 की समान अवधि में हुई वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत की तुलना में यह आधे से भी कम है। कुल औद्योगिक उत्पादन में 40 प्रतिशत योगदान देने वाले बुनियादी क्षेत्र का उत्पादन अप्रैल में कम रहा था। मई महीने में बिजली क्षेत्र में सबसे तेज 6.4 प्रतिशत वृद्धि दर दर्ज की गई, जो इसके पहले महीने में 5.4 प्रतिशत थी। दूसरी ओर रिफाइनरी उत्पादों ने दूसरी सबसे तेज वृद्धि दर 5.4 प्रतिशत दर्ज की, जहां पिछले 4 महीने से बहुत मामूली या नकारात्मक वृद्धि हुई थी। इसी तरह से प्राकृतिक गैस का उत्पादन भी पिछले महीने के 2 प्रतिशत की तुलना में मई में 4.5 प्रतिशत बढ़ा है। बहरहाल कच्चे तेल के क्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा। इस क्षेत्र में महज 0.7 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जबकि अप्रैल में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कोयले का उत्पादन लगातार दूसरे महीने में 3.3 प्रतिशत बढ़ा है। 
 
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, 'मई 2017 में कोयले के उत्पादन की वृद्धि दर में स्थिरता भंडार प्रबंधन को दिखाता है, क्योंकि मार्च 2017 में दो अंकों की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।' सीमेंट के उत्पादन में लगातार 5 महीनों से स्थिरता के बाद इस क्षेत्र में मई 2017 में मामूली सुधार हुआ है, जिससे निर्माण गतिविधियों में कुछ हलचल के संकेत मिलते हैं। इक्रा को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 18 के दौरान सीमेंट की मांग में वृद्धि करीब 4 से 5 प्रतिशत हो जाएगी, क्योंकि हाउसिंग और बुनियादी ढांचा क्षेत्र खासकर सड़क और सिंचाई क्षेत्र में गतिविधियां तेज होंगी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि बेस इफेक्ट पक्ष में न होने की वजह से उर्वरक और स्टील के उत्पादन में सुस्ती दिख रही है। उर्वरक का उत्पादन मई में भी सुस्त रहा, जो 6.5 प्रतिशत नीचे गिरा। स्टील उत्पादन में भी 3.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिसमें अप्रैल में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 
कीवर्ड bank, loan, debt, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई),

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक