'कुछ को छोड़ सभी बैंकों का हो निजीकरण'

गिरीश बाबू | चेन्नई Sep 15, 2017 10:07 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने कहा कि कुछ प्रमुख बैंकों को सरकार के नियंत्रण में रखने के अलावा अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजी हिस्सेदारी से 49 प्रतिशत से ज्यादा धन जुटाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसे बैंकों के पास पूंजी जुट सकेगी और यह देश के हित में होगा। लोयोला इंस्टीट्यूट आफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से आयोजित इंटरनैशन कॉन्फ्रेंस ऑन फाइनैंस ऐंंड इकोनॉमिक्स (आईसीएफई 2017) मेंं वित्त और अर्थव्यवस्था के मौजूदा स्वरूप पर बोलते हुए रंगराजन ने कहा, 'मेरी निजी सलाह यह है कि कुछ प्रमुख बैंकों को सरकार के नियंत्रण में रखे जाने के बाद पर्याप्त पूंजी जुटाने के लिए अन्य बैंकों का निजीकरण किया जाना चाहिए या उन्हें निजी हिस्सेदारी के माध्यम से 49 प्रतिशत से ज्यादा धन जुटाने की सुविधा देनी चाहिए।' उन्होंने कहा, 'यह वैचारिक तर्क नहीं बल्कि शुद्ध रूप से व्यावहारिक तर्क है, जो अतिरिक्त पूंजी जुटाने की व्यवस्था की क्षमता से जुड़ा है। बैंकिंग क्षेतत्र में वृद्धि बहुत कठिन है और ऐसे में हमें कुछ सरकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए पूंजी जुटाने की व्यवस्था करनी चाहिए, जो देश के हित में होगा।'

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