सुधार योजना के लिए आईडीबीआई ने बीसीजी को बनाया सलाहकार

अभिजित लेले | मुंबई Sep 26, 2017 09:33 PM IST

सरकारी क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक ने सुधार की योजना और वित्तीय प्रदर्शन में मजबूती के लिए द बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) को सलाहकार नियुक्त किया है। बैंक के प्रबंध निदेशक व सीईओ एम के जैन ने कहा, बीसीजी हमें लागत नियंत्रण और राजस्व को अधिकतम स्तर पर ले जाने की खातिर उन क्षेत्रों की पहचान में मदद करेगा जिससे बैंक सतत विकास की राह पर आगे बढ़े और लाभ में इजाफा हो।
 
बैंक बढ़ते नुकसान और गैर-निष्पादित आस्तियों से जूझ रहा है, जिसके चलते आरबीआई की त्वरित उपचारात्मक योजना के दायरे में है। बैंंक को उम्मीद है कि सलाहकार की सहायता से वह मौजूदा खाई की पहचान कर उसे पाटने, अपनी प्रमुख ताकतों को पूंजीकृत करने और मौजूदा योजनाओं व प्रक्रियाओं में सुधार ला पाएगा। बैंक ने आज एक बयान में यह जानकारी दी।
 
बीसीजी की सहायता से बैंक चार प्रमुख क्षेत्रों राजस्व में इजाफा, लागत नियंत्रण व कटौती, संपत्तियों की उत्पादकता और प्रबंधन कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करेगा। बीसीजी ने साल 2001 में बैंक को यूनिवर्सल बैंक बनने की खातिर खाका तैयार करने में सलाह दी थी। इस बीच, बैंंक ने मानव संसाधन सलाहकार और सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नियुक्त करने का भी फैसला लिया है ताकि प्रदर्शन में सुधार के लिए सिस्टम मजबूत बनाया जा सके। यह जानकारी बैंंक के अधिकारी ने दी। जून तिमाही में बैंक ने 853 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान दर्ज किया है क्योंकि फंसे कर्ज में तीव्र इजाफा हुआ और ब्याज आय के अलावा अन्य आय में गिरावट दर्ज हुई। बैंंक का सकल एनपीए बढ़कर 50,173 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछली जून तिमाही में 27,275 करोड़ रुपये था।
 
सीसीआईएल में बिक्री टली
 
आईडीबीआई बैंक ने क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआईएल) में बाकी बची 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री बेहतर मूल्यांकन हासिल करने की उम्मीद में टाल दी है। बैंंक ने हालांकि 25 सितंबर तक इस हिस्सेदारी के लिए अभिरुचि पत्र मंगाई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 13 अक्टूबर 2017 कर दिया गया है। बैंक सीसीआईएल की पांच फीसदी हिस्सेदारी पहले ही बेच चुका है और सिडबी की खासी हिस्सेदारी भी इसने निकाल दी है। लेकिन बैंंक ने तो इस बाबत रकम का खुलासा किया है और न ही यह बताया है कि हिस्सेदारी किसे बेची गई। अब इसके पास सीसीआईएल की महज 2.5 फीसदी हिस्सेदारी है। बैंक के अधिकारी ने कहा कि नई समयसीमा सीसीआईएल की हिस्सेदारी से बेहतर कीमत पाने के लिए तय की गई है।
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