रजनीश के एसबीआई प्रमुख बनने से शीर्ष स्तर पर फेरबदल के आसार

अभिजित लेले | मुंबई Oct 06, 2017 10:08 PM IST

रजनीश कुमार के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का चेयरमैन बनने से देश के इस सबसे बड़े बैंक के शीर्ष प्रबंधन में फेरबदल होने के आसार हैं। शनिवार को जब कुमार अपनी कुर्सी संभालेंगे तो प्रबंधकों का एक स्लॉट खाली हो जाएगा। इस पद के लिए कुमार को बी श्रीराम पर तरजीह दी गई है, जो सबसे वरिष्ठ प्रबंध निदेशक और कॉरपोरेट बैंकिंग ग्रुप के प्रमुख हैं। अगर सरकार ने बी श्रीराम को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में डिप्टी गवर्नर जैसी कोई अहम जिम्मेदारी दी तो एमडी का एक और पद खाली हो जाएगा। यह पद कितनी जल्द भरेगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि सरकार चयन की प्रक्रिया कब शुरू करती है।
 
कुल 17 उप प्रबंध निदेशकों (डीएमडी) में से 11 एमडी के पद के लिए चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए पात्र होंगे। दो उप प्रबंध निदेशक कॉरपोरेट रणनीति और नव कारोबार प्रमुख मंजू अग्रवाल और कॉरपोरेट अकाउंट ग्रुप के प्रमुख सुनील श्रीवास्तव चालू वित्त वर्ष के अंत तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। बैंक अधिकारियों ने पदभार में बदलाव के बारे में कहा कि एमडी और डीएमडी के पोर्टफोलियो में फेरबदल हो सकता है। अनुभव एïवं संबंध और प्रस्तावित तीन साल की कारोबारी योजना का पद आवंटन पर असर पड़ेगा। 
 
रजनीश कुमार ने मीडिया के साथ अपने संवाद में कहा था कि उनके सामने लघु और दीर्घ अवधि के लक्ष्य हैं। एसबीआई जैसे संगठन में गतिविधियां ऑटो-पायलट मोड में हैं। वह उन कार्य योजनाओं की समीक्षा करेंगे, जो पहले से बैंक में चल रही हैं। वे यह देखेंगे कि कौनसी योजना ठीक काम कर रही है और किसमें बदलाव की जरूरत है। वह कम से कम अगले 36 महीने का खाका तैयार करेंगे। अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों का स्पष्ट खाका तैयार किया जाएगा। यह काम अगले 30 दिन में किया जाएगा। 
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