फंसे कर्ज के लिए एसबीआई में नया प्रबंध निदेशक

एजेंसियां | मुंबई Oct 10, 2017 09:56 PM IST

डूबते ऋण के ऐतिहासिक स्तर से जूझ रहे भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नवनियुक्त चेयरमैन रजनीश कुमार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक प्रबंध निदेशक (एमडी) की अध्यक्षता में विशेष प्रभाग तैयार किया है। उन्होंने देश के इस सबसे बड़े ऋणदाता के बेहतर परिचालन के लिए शीर्ष स्तर से लेकर मझोले स्तर के प्रबंधन के पुनर्गठन के तहत यह निर्णय लिया है।
 
कुमार ने अपने तीन साल के कार्यकाल के लिए एसबीआई के 25वें चेयरमैन के रूप में पिछले शनिवार को अपना कार्यभार संभाला था। उन्होंने पूर्णकालिक निदेशकों की अध्यक्षता वाले कई कारोबारी इकाइयों को पुनर्गठित किया है। कुमार ने 7 अक्टूबर को जारी एक आंतरिक पत्र में कहा, 'सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रभावी नियंत्रण और सहायक बैंकों के विलय के बाद घरेलू परिचालन एवं कारोबार में विस्तार के मद्देनजर बेहतर तालमेल बिठाने और डूबती परिसंपत्तियों के लिए समाधान एवं एनपीए की वसूली के लिए बेहतर प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए संगठन में शीर्ष स्तर पर पुनर्गठन किया जाए।'
 
बैंक के विशाल गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कुमार ने एक प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में स्ट्रेस्ड ऐसेट्ïस रिजॉल्यूशन ग्रुप (एसएआरजी) के तहत एक नया प्रभाग सृजित किया है। हालांकि उन्होंने इस नए प्रभाग के एमडी के नाम का खुलासा नहीं किया है। जून में समाप्त तिमाही के दौरान एसबीआई का सकल एनपीए 7.40 फीसदी से बढ़कर 9.97 फीसदी हो गया। जबकि शुद्ध एनपीए 4.36 फीसदी से बढ़कर 5.97 फीसदी तक पहुंच गया। इसी प्रकार बैंक का खुदरा एनपीए 1.56 फीसदी बढ़कर 7,632 करोड़ रुपये हो गया जबकि कृषि खाते में डूबते ऋण का आकार 9.51 फीसदी बढ़कर 17,988 करोड़ रुपये हो गया। प्रबंधन में किए गए प्रमुख बदलाव के तहत बी श्रीराम को कॉरपोरेट एवं वैश्विक बैंकिंग का प्रबंध निदेशक बनाया गया है जो पहले समूह के कॉरपोरेट बैंकिंग के प्रमुख थे। एसएआरजी के लिए नए प्रबंध निदेशक की नियुक्ति होने तक श्रीराम को डूबती परिसंपत्तियों की देखरेख की जिम्मदारी भी दी गई है।
कीवर्ड bank, loan, debt, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई),

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक