ऊंची रहेगी पीएनबी की उधारी लागत

अभिजित लेले | मुंबई Nov 02, 2017 09:55 PM IST

ज्यादातर सरकारी बैंकों की तरह पंजाब नैशनल बैंक की उधारी लागत, फंसे कर्ज के लिए अलग रखी गई रकम सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में उच्च स्तर पर बनी रह सकती है। हालांकि एनपीए में कर्ज के शामिल होने की रफ्तार थोड़ी नरम रह सकती है। विश्लेषकों ने कहा, बैंक की परिचालन आय में सुधार नजर आएगा, लेकिन कर्ज की सुस्त मांग से इसकी ब्याज आय प्रभावित होगी, जो राजस्व का प्रमुख अवयव है।
 
जुलाई-सितंबर 2016 की तिमाही में पीएनबी की परिचालन आय करीब 3,312 करोड़ रुपये थी और मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 3,217 करोड़ रुपये। इसका शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में 549 करोड़ रुपये और जून 2017 में समाप्त पहली तिमाही में 343 करोड़ रुपये रहा था। पिछली पांच तिमाहियों से इसकी शुद्ध ब्याज आय 3,683 करोड़ रुपये से लेकर 3,879 करोड़ रुपये के दायरे में रही है। अन्य आय वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में 2,387 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में 2,331 करोड़ रुपये रही।
 
रिलायंस सिक्योरिटीज ने पीएनबी के नतीजे की पूर्व समीक्षा में कहा कि बॉन्ड के प्रतिफल में इजाफा इसके प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकता है। बॉन्ड प्रतिफल का असर ट्रेजरी आय पर पड़ेगा।  बैंंक का प्रावधान पिछले साल की दूसरी तिमाही में 2,533 करोड़ रुपये और इस साल की पहली तिमाही में 2,608 करोड़ रुपये रही है। पुराने एनपीए के लिए प्रावधान इसकी उधारी लागत का अहम हिस्सा होगा।
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