'असल बात मूल्य सृजित करना है'

अनूप रॉय |  Jan 14, 2018 09:54 PM IST

बीएस बातचीत

कैपिटल फर्स्‍ट खुदरा क्षेत्र में अपने अनुभव के साथ आ रही है जिसकी तलाश आईडीएफसी बैंक को लंबे समय से थी। कैपिटल फर्स्‍ट लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन वी वैद्यनाथन ने अनूप रॉय से बातचीत में कहा कि इस गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी की दक्षता बैंक के लिए जबरदस्त पूरक हैं। पेश हैं मुख्य अंश:

आईडीएफसी बैंक अपनी विरासत की समस्या से आक्रामक अधिग्रहण के जरिये उबरना चाहता है। क्या अब उस रणनीति में बदलाव आएगा?

कैपिटल फर्स्‍ट मेंं पिछले पांच से छह वर्षों के दौरान हमने देश के कोने-कोने के छोटे उद्यमियों के लिए वास्तव में तकनीकी दक्षता के जरिये कई जबरदस्त दक्षता तैयार की है। उसी आधार पर अब हमने 50 लाख ग्राहकों के साथ 23,000 करोड़ रुपये का ऋण खाता तैयार किया है। नए संस्थान में हम वही दक्षता लेकर आ रहे हैं। आईडीएफसी बैंक के बैंकिंग लाइसेंस के साथ मिलकर उस दक्षता का एक जबरदस्त मेल होगा। खुदरा ऋण कारोबार में हमने काफी अच्छी दक्षता हासिल की है लेकिन हमारे पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं थी। उनके पास बैंकिंग लाइसेंस और एक दमदार बुनियादी ढांचा मौजूद है। इसलिए हम दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल पूरक हैं।

आईडीएफसी बैंक खुदरा कारोबार पर काफी जोर दे रहा है। ऐसे में आपकी रणनीति क्या होगी?

हमें वृहत परिदृश्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। असल बात यह है कि बैंकिंग प्लेटफॉर्म के आधार पर ग्राहकों के लिए मूल्य कैसे सृजित किया जा सकता है। हम उसी लिहाज से सोचते हैं। हम अपने ग्राहकों को बड़े पैमाने पर तमाम उत्पादों की पेशकश कर सकते हैं और आईडीएफसी बैंक का बहीखात काफी विविध है। इसलिए वह हमारी रणनीति का बड़ा हिस्सा होगा।

अपकी नजर किन अवसरों को भुनाने पर होगी?

भारतीय अर्थव्यवस्था एक अच्छी रफ्तार के साथ आगे बढऩे के तैयार है और वहां चौतरफा अवसर मौजूद हैं।

विलय के बाद होल्डिंग कंपनी का ढांचा क्या होगा?

उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

आप अपने खुदरा अनुभव को जमा कारोबार में किस प्रकार भुनाएंगे?

हम उन ग्राहकों के साथ क्रॉस बिक्री कर सकते हैं जिनके ऋण खाते हमारे पास हैं। इसी प्रकार देनदारी और परिसंपत्ति के लिहाज से ग्राहकों का अनुपात अब कहीं अधिक बेहतर होगा।

क्या बोर्ड में दोनों कंपनियों के शेयरधारकों को शामिल किया जाएगा?

दोनों कंपनियां अपने संबंधित शेयरधारकों को प्रस्ताव सौंपेंगी। हमें विश्वास है कि उन्हें मूल्य और तालमेल के लिहाज से वह बेहतर लगेगा।

क्या आपको लगता है कि एकीकृत कंपनी कैपिटल फर्स्‍ट के मौजूदा वित्तीय प्रदर्शन को आगे बढ़ाने में समर्थ होगी?

अब हम वृद्धि को रफ्तार दे सकते हैं क्योंकि हमारे पास बचत एवं जमा खातों का एक विविध एवं व्यापक आधार होगा। यही मुख्य फायदा है। ऋण कारोबार में हमारी क्षमता आगे और मजबूत होगी।

शेयरधारकों एवं नियामकों से मंजूरियां हासिल करने के साथ इस सौदे को पूरा होने में कितना समय लगेगा? क्या आपने कोई समय-सीमा निर्धारित की है?

इस प्रक्रिया में छह से नौ महीने का समय लग सकता है जो नियामकीय मंजूरियों पर निर्भर करेगा।

एकीकृत कंपनी की प्रमुख चुनौतियां क्या रहेंगी?

मैं अवसरों पर नजर रखता हूं और इस विलय से हमें काफी मदद मिलेगी।
कीवर्ड IDFC bank, capital,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक