भारतीय स्टेट बैंक ने बढ़ाई जमा दरें

अभिजित लेले | मुंबई Jan 30, 2018 09:44 PM IST

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आज घरेलू बड़ी जमा राशियोंं पर ब्याज दर 50 से लेकर 140 आधार अंक बढ़ा दी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब बैंकिंग प्रणाली में नकदी की स्थिति पर दबाव है। दो महीने में यह दूसरा मौका है, जब एसबीआई ने बड़ी जमा राशियों पर ब्याज दर बढ़ाई है। बैंक ने नवंबर 2017 में बड़ी जमा राशियों पर ब्याज दरों में एक प्रतिशत (100 आधार अंक) की बढ़ोतरी की थी। एसबीआई के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों पंजाब नैशनल बैंक और बैंंक आफ बड़ौदा ने भी बड़ी जमा राशियों पर ब्याज दरों में इस माह की शुरुआत में बढ़ोतरी की थी। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने अपने बयान में कहा है कि बैंक कम अवधि में जमा दरें बढ़ा सकते हैं क्योंकि पिछली तिमाही में बढ़े हुए कर्ज वितरण की वजह से जमा कम हो गया है, जिसकी वजह से बैंकिंग व्यवस्था में कर्ज जमा अनुपात पर दबाव बढ़ा है। 
 
मौजूदा बढ़ी दरों की वजह साफ करते हुए एसबीआई के प्रबंध निदेशक (खुदरा एवं डिजिटल बैंकिंग) पीके गुप्ता ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा कि एबीआई द्वारा की गई पेशकश अन्य प्रतिस्पर्धी बैंकों की पेशकश की तुलना में कम थे। ऐसे में दरों में तालमेल बिठाने की कवायद की गई है। भारी जमा में 1 करोड़ रुपये या उससे ऊपर की जमा राशि आती है।  एसबीआई के पास पर्याप्त नकदी है, लेकिन व्यवस्था में वह दबाव में है। हकीकत यह है कि करीब 100 से 150 अरब रुपये नकदी की कमी है। गुप्ता ने कहा कि भारी जमा की हिस्सेदारी एसबीआई की कुल जमा में बहुत कम है और इससे धन जुटाने की लागत पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बैंक ने अपनी खुदरा सावधि जमा दरों में बदलाव नहीं किया है और उधारी दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। एसबीआई के अधिकारियों ने कहा कि संपत्ति दायित्व समिति नियमित आधार पर  दरों की समीक्षा करती है। 
कीवर्ड bank, loan, debt, SBI, rate,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक