आखिर कौन हैं नीरव मोदी?

पवन लाल |  Feb 14, 2018 10:22 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक धोखाधड़ी

मुंबई के आसमान में अचानक धूमकेतु की तरह चमकने वाले अरबपति नीरव मोदी के बारे में हर किसी की जबान पर यही सवाल है कि यह शख्स आखिर कौन है? नीरव के लक्जरी हीरों के ब्रांड में अचानक उभार को देखते हुए यह सवाल जायज है। दक्षिण मुंबई तथा बांद्रा सहित शहर के जाने माने इलाकों में उनके होर्डिंग की भरमार है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी और तब इनमें लीसा हेडन को दिखाया गया था। तब नीरव ने दावा किया था कि वह भारतीय माता-पिता की संतान हैं। उनके पिता भी हीरों के जौहरी थे जो कारोबार करने बेल्जियम चले गए थे। नीरव वॉर्टन कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे लेकिन पिता का कारोबार मंदा होने के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पिता का कारोबार संभालने के लिए वह वापस चले गए। इसके बाद वह भारत आए और उन्होंने अपने मामा मेहुल चोकसी के मार्गदर्शन में हीरा कारोबार की बारीकियों को सीखा। मेहुल की कंपनी गीतांजलि जेम्स सूचीबद्ध है और धोखाधड़ी के आरोपों के कारण हाल के वर्षों में जांच के घेरे में है।

46 साल के नीरव की दो कंपनियां हैं। पहला हीरो का कारोबार करने वाली कंपनी फायरस्टार डायमंड और दूसरा खुदरा ब्रांड नीरव मोदी। नीरव ने खुद एक बार कहा था कि वह नीरव मोदी ब्रांड को दुनिया का लक्जरी ब्रांड बनाना चाहते हैं जो एशिया में अपनी तरह का पहला ब्रांड होगा। उन्होंने न्यूयॉर्क, लदंन, हॉन्गकॉन्ग और मकाऊ में अंतरराष्ट्रीय स्टोर खोले। आज तक इन होर्डिंगों में केवल एक बदलाव हुआ है। हेडन की जगह अब प्रियंका चोपड़ा ने ले ली है।

कमला मिल्स स्थित उनके ऑफिस में कलात्मक चीजों का संग्रह (जिसमें अमृता शेरगिल की 10 करोड़ रुपये मूल्य की ऑयल पेटिंग भी है जो नीरव की डेस्क के करीब लगी है), विंटेज बेंटली कार, ब्रांड ऐंबेसडर के तौर पर अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्रियों और मॉडलों का इस्तेमाल, फेसबुक इंडिया की पूर्व कार्यकारी और भारतीय प्रमुख कीर्तिका रेड्डी की अंतरराष्ट्रीय बोर्ड सलाहकार के रूप में नियुक्ति और विलासिता वाली चीजों की चाहत इस बात का संकेत है कि नीरव अपने ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के प्रति गंभीर थे। लेकिन पूरे मामले में एक बात साफ नहीं थी। पैसा कहां से आ रहा था? 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपों को सही मानें तो यह पैसा बैंकों से आ रहा था। हाल में आई खबरों के मुताबिक नीरव और डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोट्र्स और स्टेलर डायमंड्स ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) पर 2.8 अरब रुपये का चूना लगाया है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने इस मामले में आईपीसी की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं और भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। निवेश बैंकरों का कहना है कि फायरस्टार वित्तीय रूप से अच्छी स्थिति में हैं पर उसकी आईपीओ की योजना में देर होगी क्योंकि निवेशक कंपनी के आंकड़ों पर करीबी नजर रखेंगे।

न्यूयॉर्क और मुंबई के बीच दौड़भाग करने वाले नीरव ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा कि इस बारे में जन संपर्क कंपनी एक बयान जारी करेगी जो बाद में ईमेल के जरिये आया। इसमें कहा गया, 'इस मामले का नीरव मोदी की प्रमुख कंपनी फायरस्टार इंटरनैशनल से कोई लेनादेना नहीं है।' पिछले कुछ सालों से नीरव ने ग्लैमर, भारी निवेश और सही संबद्धता के दम पर अपना ब्रांड खड़ा किया है। लेकिन आईपीओ लाने से पहले ऋणदाताओं और शेयरधारकों का विश्वास बहाल कर पाना उनके लिए कठिन यात्रा हो सकती है।

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