दूसरे बैंकों के साथ प्रतिबद्धता का सम्मान करेंगे : पीएनबी प्रमुख

सोमेश झा | नई दिल्ली Feb 15, 2018 09:54 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सुनील मेहता ने 114 अरब रुपये के कथित घोटाले पर चुप्पी तोड़ी है, जिससे हीरा कारोबारी नीरव मोदी, उनके मामला मेहुल चोकसी जुड़े हुए हैं। मेहता ने गुरुवार को कहा कि 114 अरब रुपये के कथित घोटाले में हमारा बैंक दूसरे बैंकों के साथ की गई वास्तविक प्रतिबद्धता का सम्मान करेगा। पीएनबी प्रमुख ने यह भी कहा कि नीरव मोदी देनदारी के पुनर्भुगतान के लिए अस्पष्ट पेशकश के साथ आए थे और अभी तक कोई ठोस योजना सामने नहीं रखी है और इस तरह से समूह की दो कंपनियों पर कुल उधारी करीब 1.7 अरब रुपये है।
 
मेहता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, हम मौजूदा स्थितियों से बाहर निकलेंगे। हम अन्य पक्षकार बैंक समेत हितधारकों के साथ चर्चा कर रहे हैं। हम इसका समाधान निकालेंगे और अन्य बैंकरों व हितधारकों के साथ की गई वास्तविक प्रतिबद्धता का पूरा सम्मान करेंगे। मेहता ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बैंक की तरफ से घोटाला सार्वजनिक किए जाने के एक दिन बाद की। इसमें बैंक ने कहा था उसे धोखाधड़ी व अनधिकृत लेनदेन का पता चला है। पीएनबी प्रमुख ने हालांकि एक सवाल का जवाब नहीं दिया। उनसे पूछा गया था कि क्या बैंक इस धोखाधड़ी की पूरी रकम 114 अरब रुपये चुकाने का दायी है, जो इंटरनैशनल फाइनैंशियल कम्युनिकेशन सिस्टम स्विफ्ट के इस्तेमाल के जरिए हुआ और यह काम मुंबई शाखा के बैंक कर्मियों की मिलीभगत से बैंंक की कोर बैंंकिंग व्यवस्था को दरकिनार करते हुए हुआ।
 
मेहता ने कहा, हम सभी लेनदारों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस पर जांच के बाद फैसला होगा। पीएनबी की शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच बोर्ड और प्रवर्तन निदेशालय भी मामले की जांच कर रहा है। बुधवार को अन्य बैंकों के अधिकारियों ने कहा कि इस धोखाधड़ी की पूरी देनदारी पीएनबी को पूरी करनी होगी क्योंकि इलाहाबाद बैंक, ऐक्सिस बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विदेशी शाखाओंं को भुगतान का अनुरोध पीएनबी ने किया था। इलाहाबाद बैंक की मुख्य कार्याधिकारी उषा अनंतसुब्रमण्यन ने कहा था कि पूरी उधारी पीएनबी के ऊपर है और इसका क्लाइंटों मोदी, चोकसी व अन्य से कोई संबंध नहीं है।
 
इस हफ्ते 30 बैंकों को लिखे पत्र में पीएनबी ने आंशिक तौर पर धोखाधड़ी का आरोप भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं पर डाला है। इसमें कहा गया है कि उन्होंने भी भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश का उल्लंघन किया और अन्य बैंकों के अधिकारियों की भी नीरव मोदी व मेहुल चोकसी प्रवर्तित गीतांजलि जेम्स के साथ मिलीभगत हो सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएनबी प्रमुख ने स्वीकार किया कि धोखाधड़ी की पूरी रकम 114 अरब रुपये के लिए बैंक पूरा प्रावधान करेगा, जो बैंक के बाजार पूंजीकरण का करीब एक तिहाई है। उन्होंने हालांकि कहा, फंडिंग के जरिए कोई उधारी नहीं थी। जो भी है हमारी देनदारी है, जिसका पता इस प्रक्रिया से चलेदा और हम इसे आगे ले जाएंगे। मेहता ने कहा, हमारे बैंक के पास इस परिस्थिति से बाहर निकलने की क्षमता है।
 
उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं के साथ विदेशी लेनदार भी एक मामले में शामिल है। हालांकि उन्होंने इसके बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। पीएनबी ने इस घोटाले से जुड़े कई बैंकों के कंसोर्टियम के साथ बैठक की है। इस तथ्य पर कि धोखाधड़ी वाला लेनदेन साल 2011 से हो रहा था, मेहता ने कहा कि यह अकेला मामला है जिससे बैंंक की सिर्फ एक शाखा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, हमने सभी शाखाओं की जांच की है और यह हमारी एक शाखा का इकलौता मामला है। हमने अन्य शाखाओं में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई।
 
मेहता ने कहा कि बैंंक पहले से ही रिकवरी की ओर बढ़ा है और सभी लेनदारों के वित्तीय हितों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है। पीएनबी प्रमुख ने कहा कि हमें पिछले हफ्ते नीरव मोदी का मेल मिला है, जिसमें कहा गया है कि वह एक योजना के साथ सामने आएंगे। हमने उनसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर और पुनर्भुगतान की लिखित योजना सौंपने का अनुरोध किया है।
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