सरकारी बैंकों के शेयर कारोबार रुझान की जांच कर रहा सेबी

श्रीमी चौधरी | मुंबई Feb 16, 2018 10:07 PM IST

सरकार की तरफ से 25 जनवरी को पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम की घोषणा के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सरकारी बैंकों के शेयरों के ट्रेडिंग पैटर्न की जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बाजार नियामक को एक निवेश समूह की तरफ से कीमतों में गड़बड़ी किए जाने का संदेह है। 25 जनवरी को निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 6 फीसदी टूटा था। सूत्रों ने कहा कि सरकार ने अग्रणी पीएसयू के शेयर कीमत में गिरावट का मामला उठाया है। बावजूद इसके कि सरकार बढ़त के लिए पूंजी मुहैया करा रही है।
 
जब केंद्र सरकार ने पहली बार 2.1 लाख करोड़ रुपये के पुनर्पूंजीकरण की घोषणा की थी तब निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 24 अक्टूबर को 30 फीसदी उछला था।  हालांकि बैंंकिंग शेयर नवंबर और जनवरी के बीच कमोबेश स्थिर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा, इस महीने वित्त मंत्रालय ने नियामक और कुछ बड़े बोकर के साथ इस मामले पर चर्चा की है ताकि ऐसे उतारचढ़ाव के कारण का पता चल सके। सूत्रों ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने सेबी को पीएसबी शेयरों की कमजोरी की जांच करने को कहा है और पूछा है कि क्या ऐसी सुस्ती के पीछे कोई कार्टल तो नहीं है।
 
बैंकिंग शेयरों में गिरावट से सरकार को 427.99 अरब रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ था। सूत्रों ने कहा कि सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों से ट्रेडिंग की विस्तृत जानकारी मांगी थी। 25 जनवरी को बड़े पीएसबी मसलन पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई के शेयर में 5-5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी। छोटे बैंकों मसलन यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के शेयर स्थिर रहे थे।
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