कर्ज भुगतान में चूक को सार्वजनिक करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाएगा सेबी

भाषा |  Feb 18, 2018 09:51 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक में हुई लगभग 11,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कई साल तक पता नहीं चलने के बाद बाजार नियामक सेबी अपने उस लंबित प्रस्ताव को फिर से आगे बढ़ा सकता है, जिसमें सभी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए ऋण चूक के मामलों की जानकारी एक दिन के भीतर सार्वजनिक करनी होगी। इस धोखाधड़ी मामले के कथित साजिशकर्ता अरबपति जौहरी नीरव मोदी सीधे तौर पर किसी सूचीबद्ध कंपनी से नहीं जुड़े हैं। उसके संबंधी और कारोबारी सहयोगी मेहुल चोकसी की गीतांजलि जेम्स एक सूचीबद्ध कंपनी है और वह बाजार को प्रभावित करने वाले कुछ अन्य संदिग्ध मामलों में संलिप्त है।
पीएनबी और गीतांजलि के मामले में सेबी ने पहले ही कारोबार सूचनाएं सार्वजनिक करने के जुड़े बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है। इसे भारत के बैंकिंग इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा धोखाधड़ी मामला माना जा रहा है। इस काम को अंजाम देने वाला कथित आरोपी मोदी भी फरार हैं। पिछले हफ्ते इस मामले के सामने आने के बाद मोदी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े सार्वजनिक बैंकों समेत कई सूचीबद्ध कंपनियों, गीतांजलि जेम्स और पीएनबी में निवेशकों को कई अरब रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। सेबी ने उन्हें ऋण चूक की पूरी जानकारी देने के लिए एक निर्णय किया था। 
 
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