पीएनबी में नीरव की गहरी पैठ

श्रीमी चौधरी | मुंबई Feb 18, 2018 10:56 PM IST

पीएनबी कर्मचारियों को देता था कमीशन

► ईडी के अनुसार 5,674 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त
सीबीआई ने सभी बैंकों से एलओयू में अनियमितता की जानकारी देने को कहा
गिरफ्तार बैंक कर्मचारियों ने कहा, नीरव की टीम को पीएनबी के कंप्यूटर सिस्टम की दी गई थी ऐक्सेस
इसी की मदद से विदेश में बैंकों को भेजे जाते थे स्विफ्ट संदेश
नीरव मोदी का पता लगाने के लिए सीबीआई ने दुनिया भर की एजेंसियों से साधा संपर्क
ईडी ने रविवार को भी 47 स्थानों पर मारे छापे

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार बैंक के दो कर्मचारियों ने सीबीआई के समक्ष खुलासा किया कि नीरव मोदी और उनकी टीम को पीएनबी के कंप्यूटर सिस्टम में अनधिकृत पहुंच उपलब्ध कराई गई थी। इसके तहत हरेक गारंटी पत्र (एओयू) के लिए 'कमीशन' लिया जाता था। यह जानकारी जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने दी।

शनिवार को सीबीआई ने पीएनबी के पूर्व उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी, बैंक के सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज खराट और नीरव मोदी की फर्मों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हेमंत भट्ट को गिरफ्तार किया था। विशेष अदालत ने इन तीनों को 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया।

सूत्रों ने कहा कि पूछताछ के दौरान बैंक अधिकारियों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने अकाउंट के विवरण और पासवर्ड नीरव के कर्मचारियों को मुहैया कराए थे। इसकी मदद से वे स्विफ्ट सिस्टम में बतौर पीएनबी अधिकारी प्रवेश कर अधिकृत व्यक्ति के तौर पर फर्जी तरीके से स्विफ्ट संदेश भेजते थे। सूत्रों के अनुसार आरोपी इसके बदले कमीशन लिया करते थे। प्रत्येक एलओयू के लिए एक निश्चित कमीशन तय था। इस रकम को गोरखधंधे में लिप्त पीएनबी के कर्मचारियों के बीच बांटा जाता था। सूत्र ने बताया कि पूछताछ के दौरान और भी कर्मचारियों तथा बाहरी लोगों के इसमें शामिल होने का पता चला है। आरोपियों ने कम से कम आधा दर्जन अन्य पीएनबी कर्मचारियों के नाम बताए, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे।

एलओयू के जरिये जुटाई गई रकम का इस्तेमाल आरोपी कंपनियों के आयात बिलों के भुगतान में किया जाता था। जांच एजेेंसी ने सभी बैंकों को पत्र लिखकर उनके एलओयू और विदेश में लेटर ऑफ क्रेडिट में अनियमितता की जानकारी देने को कहा है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई बैंकों द्वारा जारी या स्वीकृत सभी एलओयू की जांच करेगा।

सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि नुकसान 11,400 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है क्योंकि कई एलओयू मई में परिपक्व होने वाले हैं। उन्होंने कहा, 'इनमें से कुछ एलओयू 180 दिनों के हैं। हम इन एलओयू से जुड़ी रकम की जांच कर रहे हैं।' विदेश में लेटर ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) के मामले में उन्होंने कथित तौर पर कोर बैंकिंग प्रणाली में प्रवेश कर छोटी रकम से शुरुआत की। उसके बाद स्विफ्ट संदेश के माध्यम से एफएससी भेजे गए।

इस बीच, सीबीआई ने दुनिया भर के प्राधिकरणों से इंटरपोल के जरिये संपर्क साधते हुए नीरव मोदी का पता लगाने में मदद की अपील की है और हवाई अड्डों को भी इस बारे में सूचित किया गया है। इसके तहत अगर नीरव एक देश से दूसरे देश के लिए उड़ान भरता है तो सीबीआई को इसकी सूचना दी जाएगी। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल नीरव कहां है, इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। 

सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक अब तक 5,166 करोड़ रुपये के एलओयू का पता लगाया गया है। हालांकि शनिवार को अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि इस मामले में करीब 6,000 करोड़ रुपये शामिल हो सकते हैं। नीरव और चोकरी के खिलाफ रविवार को लगातार चौथे दिन प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी अभियान जारी रही। रविवार को ईडी ने देश भर में 47 स्थानों की तलाशी ली। इसके साथ ही ईडी ने चोकसी, मोदी और उनके संबंधियों तथा तीन अन्य सहायकों को दूसरी बार समन जारी किया। अब तक ईडी ने 5,674 करोड़ रुपये के मूल्य के हीरे और आभूषण जब्त कर चुका है।

कम से कम 200 मुखौटा फर्मों और बेनामी परिसंपत्तियां एजेंसियों के जांच के दायरे में आई हैं। ईडी और आयकर विभाग को पता चला है कि इन मुखौटा कंपनियों का भारत तथा विदेश में रकम के लेनदेन, धनशोधन और जमीन, सोना आदि के तौर पर बेनामी संपत्तियां जुटाने के लिए किया गया था। अब आयकर विभाग इसकी जांच कर रहा है।

कुछ कंपनियों के अधिकारियों से पूछताछ की गई है और उनके बयान दर्ज किए गए हैं। ईडी ने पीएनबी के कुछ अधिकारियों से भी पूछताछ की है, जिन्होंने एजेंसी को बताया कि जब बकाये वसूली के लिए संपर्क किया गया तो नीरव के भाई नेे बैंक का बकाया चुकाने से इनकार कर दिया। बैंक अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद ही बैंक ने सीबीआई के पास शिकायत दर्ज कराई।
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