निजीकरण का विरोध करेगी कांग्रेस

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Feb 19, 2018 09:55 PM IST

कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को फंसे कर्ज  की समस्या और 114 अरब रुपये के बैंक घोटाले के कारण सरकारी बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव को हास्यास्पद और गैर जिम्मेदाराना बताया। कांगेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि सरकारी बैंकों के निजीकरण के लिए आए किसी भी प्रस्ताव का पार्टी पूरी ताकत के साथ विरोध करेगी। तिवारी ने कहा, 'आप एनपीए और बैंक घोटालों से निपटने में सक्षम नहीं हैं और आप कहते हैं कि पूरे बैंकिंग तंत्र का निजीकरण कर दिया जाए। यह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है।' उन्होंने कहा कि सभी आंकड़े सार्वजनिक हैं और बताते हैं कि एनपीए और कुल जमा का अनुपात निजी बैंकों की अपेक्षा सरकारी बैंकों में काफी कम है। 
 
तिवारी ने कहा,'हमें आशा है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार, बैंक बोर्ड ब्यूरो के विनोद राय सहित अन्य लोग बैंकिंग नियमों को मजबूत करने के लिए कोई रास्ता बताएंगे।' उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को बैंकों के एनपीए पर एक श्वेत पत्र लाना चाहिए। साथ ही, बैंकों को अपने एनपीए और इससे जुड़ी कंपनियों के प्रवर्तकों के नाम तथा कर्ज राशि को अपनी बेवसाइट पर डालना चाहिए।
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