पीएनबी घोटाले के बाद चौकस हो गई है सरकार

निवेदिता मुखर्जी | नई दिल्ली Feb 19, 2018 09:56 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक का घोटाला सामने आने के बाद प्रमुख आर्थिक मंत्रालयों, भारतीय रिजर्व बैंक और पीएनबी के आला अधिकारी हरकत में हैं और इस पर नजर रखे हुए हैं कि जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं। एक सूत्र ने बिजनेस स्टैंडर्ड से कहा, सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और इसकी तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस घोटाले पर कुछ नहीं बोला है या फिर बैंक के ग्राहकों को आश्वस्त नहीं किया है, इस पर सूत्र ने कहा कि सरकार के लिए महत्वपूर्ण यह सुनिश्चित करना है कि जांच तेजी से हो। इस समय पूरी वास्तविकता जाने बिना प्रधानमंत्री के बयान का मतलब नहीं बनता है। एक अन्य सूत्र ने कहा, आम चुनाव से एक साल पहले इतनी बड़ी बैंक धोखाधड़ी के बाद सरकार को आम लोगों की रकम की सुरक्षा संबंधी बयान देने के मामले में सतर्क रहना होगा। राजनीतिक मोर्चे पर हालांकि भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी पार्टियों ने एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस घोटाले के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।
 
तलाशी और गिरफ्तारी के अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय बैठक कर बैंकिंग सिस्टम की खामियों पर चर्चा कर रहे हैं और आगे की राह पर बातचीत कर रहे हैं। समझा जाता है कि पीएमओ सीधे तौर पर इस क्षति पर नियंत्रण के लिए वित्तीय सेवा विभाग के अधिकारियों से बात कर रहा है। इस संबंध में पीएमओ की टिप्पणी नहीं मिल पाई। समझा जाता है कि बैंक धोखाधड़ी पर विगत में व्हिसलब्लोअर की शिकायत को दरकिनार करने वाले कंपनी मामलों के मंत्रालय ने अब धीरे-धीरे कदम बढ़ाना शुरू किया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय को जांच के आदेश दिए जा चुके हैं और यह कार्यालय काम शुरू कर रहा है।
 
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (जिसने पीएनबी की नियंत्रण व्यवस्था का आकलन शुरू किया है) करीब दो महीने में कदम कार्रवाई करने में सक्षम होगा। आरबीआई का अनुमान है कि इस आकलन से पता चलेगा कि क्या सिस्टम की सिर्फ पीएनबी में ही थी या फिर पूरे बैंंकिंग क्षेत्र में ऐसी बात है। यह जानकारी एक सरकारी अधिकारी ने दी।
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