दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

बीएस संवाददाता/एजेंसियां | नई दिल्ली Feb 21, 2018 10:21 AM IST

पिछले एक हफ्ते से समूचे देश में भूचाल मचा रहे पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के बाद पहली बार बोलते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज कहा कि इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिसने भी बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखा किया है, सरकार उसे पकड़ लाएगी। देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक पीएनबी के साथ 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप आभूषण कारोबारी नीरव मोदी पर है। हालांकि जेटली ने बैंक या मोदी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि बैंक का प्रबंधन अपने काम में खरा नहीं उतरा क्योंकि वह यही पता नहीं लगा पाया कि उसके बीच बैठकर कौन धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा है।

वित्त मंत्री ने इस मामले में ऑडिटरों को भी कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि ऑडिट करने वाली कंपनियों को अपने भीतर झांकना चाहिए कि आखिर वे अनियमितता का पता क्यों नहीं लगा सकीं। उन्होंने निगरानी करने वाली एजेंसियों से भी यह समझने के लिए कहा कि ऐसी धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए व्यवस्था में कौन सी खामियां दुरुस्त करनी होंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि निगरानी एजेंसी सुनिश्चित करे कि ऐसे हरेक मामले को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत नहीं करे।

इससे पहले कल वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक को पत्र लिखकर मामले के कारण पूछे थे और सफाई मांगी थी। जवाब में केंद्रीय बैंक ने आज कहा कि उसने अगस्त, 2016 के बाद से तीन बैंकों को सतर्क किया था कि उनके स्विफ्ट बुनियादी ढांचे का दुरुपयोग हो सकता है। उसने बैंकों में धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं के कारणों का पता लगाने के लिए वाई एच मालेगाम की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया। समिति यह भी देखेगी कि बैंक गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) का वर्गीकरण करने और उनके लिए प्रावधान करने में इतना कतराते क्यों हैं।

पीएनबी घोटाले का खुलासा पिछले बुधवार को हुआ था। जब उसकी परतें खुलीं तो बैंकिंग तंत्र की बड़ी ढिलाई सामने आई और सियासी हलकों में हड़कंप मच गया। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस मामले में निशाने पर है। कांग्रेस ने भी उसे आड़े हाथों लेते हुए आज कहा कि दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर वह बजट सत्र में यह मामला उठाएगी।

लगभग एक महीने के अवकाश के बाद 5 मार्च को बजट सत्र फिर शुरू होगा। पार्टी के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आज कहा कि नीरव मोदी के कथित पत्र से पता चल गया है कि बैंकों की डूबी रकम वापस नहीं आएगी। ऐसे में उनकी पार्टी प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री से जानना चाहती है कि सरकार को नीरव मोदी का पता-ठिकाना मालूम है या नहीं। नीरव मोदी ऐसी चि_िïयां लिखने की जुर्रत कैसे कर सकता है? उसे किन लोगों से हिम्मत मिल रही है? उन्होंने कहा कि नीरव मोदी और रोटोमैक के प्रवर्तक को बैंकों से कर्ज 2015 के बाद मिला, उससे पहले नहीं।

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