लॉ फर्म से मिले अहम दस्तावेज

श्रीमी चौधरी | मुंबई Feb 26, 2018 10:10 PM IST

पीएनबी-धोखाधड़ी मामला

सिरिल अमरचंद मंगलदास के परिसर से सीबीआई ने जब्त किए नीरव से जुड़े दस्तावेज
जांच एजेंसी ने पीएनबी के कार्यकारी निदेशक और दो महाप्रबंधकों से की पूछताछ
सीबीआई ने कहा कि फिलहाल लॉ फर्म से नहीं की जा रही किसी तरह की पूछताछ
सीबीआई प्रमुख ने घोटाले से जुड़े सभी गंभीर मामलों की जांच 90 दिन में पूरी करने का दिया निर्देश

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीरव मोदी मामले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज मुंबई की लॉ फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास के परिसरों की तलाशी के दौरान जब्त किए हैं। सीबीआई के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टिï की है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले की जांच के क्रम में पिछले हफ्ते लॉ फर्म की तलाशी ली थी, जिसमें ये दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

उन्होंने कहा, 'लॉॅ फर्म के पास कुछ ऐसे अहम दस्तावेज थे जो हमारी जांच के लिए बेहद उपयोगी हैं।' अधिकारी ने कहा, 'लॉ फर्म के पास कुछ महत्त्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं लेकिन वह नीरव मोदी की आधिकारिक कानूनी सलाहकार नहीं है। हमें कुछ लिंक मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि सिरिल अमरचंद मंगलदास को कुछ जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन घोटाला सामने आने के बाद उसे रद्द कर दिया गया।'

सूत्रों ने कहा कि सिरिल अमरचंद मंगलदास का नाम उस समय सामने आया जब जांच एजेंसी फायरस्टार इंटरनैशनल और नीरव की अन्य कंपनियों की तलाशी ले रही थी। सिरिल अमरचंद मंगलदास के मैनेजिंग पार्टनर सिरिल श्रॉफ को इस बारे में उनका पक्ष जानने के लिए ईमेल भेजा गया लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। फर्म के प्रवक्ता ने भी कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

हालांकि जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया कि वह लॉ फर्म से पूछताछ नहीं कर रही है और उसका ध्यान केवल नीरव मोदी के दस्तावेजों पर है। सीबीआई के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सीबीआई प्रमुख आलोक कुमार वर्मा ने जांच से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 90 दिन के अंदर बैंक धोखाधड़ी से संबंधित सभी गंभीर मामलों की जांच पूरी करें। नीरव मामले में भी सीबीआई ओवरटाइम काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने में लगी है कि इस मामले से जुड़ी एक भी कड़ी छूटने न पाए।

इसके साथ ही पीएनबी के एक कार्यकारी निदेशक और दो महाप्रबंधक सीबीआई की जांच दायरे में आए हैं। इन पर विदेशी परिचालन का जिम्मा था। सूत्रों के अनुसार दो महाप्रबंधकों को बैंक के नोस्ट्रो खातों की रिपोर्ट दैनिक आधार पर दी जा रही थी। इसके बावजूद उन्होंने कभी भी गारंटी पत्र (एलओयू) के जरिये भारी मात्रा में कर्ज और क्रेडिट के बारे में चेतावनी जारी नहीं की।इस बीच सीबीआई ने पीएनबी के कार्यकारी निदेशक के वी ब्रह्मïाजी राव को एलओयू धोखाधड़ी मामले में सोमवार को दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया। इससे पहले पिछले शनिवार को बैंक के प्रबंध निदेशक सुनील मेहता के साथ भी उनसे पूछताछ की गई थी।

जांच एजेंसी ने बैंक के सांविधिक लेखा परीक्षकों को भी पूछताछ के लिए बुलाया और इन गड़बडिय़ों पर उनसे सफाई मांगी। इसके अलावा विशेष अदालत ने नीरव की विदेशी संपत्तियों की पहचान और उन्हें जब्त करने के लिए ईडी को 6 देशों को लेटर रोगेटरी भेजने की अनुमति दे दी। उम्मीद की जा रही है कि अगर नीरव और उनका परिवार ईडी के समक्ष पेश नहीं होता है तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट लाने के लिए एजेंसी अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। 
कीवर्ड PNB, Bank, fraud, Law firm, Nirav Modi,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक