15 दिन में बैंक करें पुख्ता प्रबंध

बीएस संवाददाता | नई दिल्ली Feb 27, 2018 10:20 PM IST

पीएनबी घोटाले में परिचालन खामियां उजागर

►  वित्त मंत्रालय ने बैंकों को जोखिम से निपटने की व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया निर्देश
►  सीबीआई ने की पीएनबी की पूर्व एमडी उषा अनंत से पूछताछ
►  पंजाब नैशनल बैंक में धोखधड़ी के बाद वित्त मंत्रालय सजग
►  बैंकों को वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा
►  सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणाली और स्वीकार्य मानकों पर तैयार करनी होगी रिपोर्ट

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में 127 अरब रुपये के घोटाले से सकते में आए वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को परिचालन और तकनीकी जोखिमों से निपटने के लिए 15 दिन के भीतर पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा है। इस बीच सीबीआई ने पीएनबी घोटाले के संबंध में बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक उषा अनंत सुब्रमण्यन से पूछताछ की। 

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार ने एक ट्वीट में कहा कि सरकारी बैंकों के कार्यकारी निदेशकों और मुख्य तकनीकी अधिकारियों को जोखिमों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के वास्ते एक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, 'सरकारी बैंकों को बढ़ते परिचालन और तकनीकी जोखिमों से निपटने के लिए ऐहतियाती कदम उठाने और खामियों की पहचान करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्हें सर्वश्रेष्ठ कार्य प्रणालियों से सीखने और तकनीकी सॉल्यूशन के लिए खास रणनीति बनाने को कहा गया है। साथ ही उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।'

कुमार ने कहा कि हर बैंक को कार्यकारी निदेशकों और मुख्य तकनीकी अधिकारियों की एक समिति बनानी होगी। इसकी जिम्मेदारी बैंकिंग क्षेत्र की सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों से सीखने और मौजूदा व्यवस्थाओं की खामियों की पहचान करने की होगी। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और न्यूनतम स्वीकार्य मानकों पर आधारित रिपोर्ट तैयार करनी होगी और तकनीकी सॉल्यूशन पर कार्य योजना का सुझाव देना होगा।

बैंकों के बोर्डों से कहा गया है कि वे रिपोर्ट के क्रियान्वयन और अनुपालन के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे। पीएनबी घोटाले के लिए तकनीकी और परिचालन खामियों को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। मुख्य आरोपी नीरव मोदी और उनके साथियों ने फर्जी एलओयू के जरिये बैंक को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया।

स्विफ्ट के जरिये किया गया यह लेनदेन पीएनबी के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) की पकड़ में नहीं आया। अब बैंक अपने बैंकिंग सॉफ्टवेयर फिनैकल को अपग्रेड कर रहा है। इन्फोसिस ने स्विफ्ट और सीबीएस को जोडऩे के लिए यह सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया है। रिजर्व बैंक ने 30 अप्रैल तक स्विफ्ट को सीबीएस से जोडऩे को कहा है लेकिन बैंक मार्च के अंत तक इस काम को पूरा करने में जुटा है।फिनैकल के अपडेटेड संस्करण फिनैकल 10 स्विफ्ट को सीबीएस से नहीं जोड़ता है लेकिन यह उसके अनुकूल है। फिनैकल के पिछले संस्करणों में यह खूबी नहीं थी।

बैंकों को अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए दी गई 15 दिन की समयसीमा सरकार के महत्त्वाकांक्षी सुधार एजेंडे का हिस्सा है। सरकार ने बैंकों में आमूलचूल बदलाव के लिए एनहांस्ड एक्सेस ऐंड सर्विसेज एक्सीलेंस (ईज) कार्यक्रम बनाया है जिसे बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के बाद लागू किया जाना है। इसमें बैंकों में उत्तरदायित्व और डिजिटलीकरण सहित 6 बिन्दुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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