आईसीएआई ने सरकार से संपर्क साधा

वीणा मणि | नई दिल्ली Feb 28, 2018 09:07 PM IST

आईसीएआई ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कंपनी मामलों के मंत्रालय (एमसीए) से संपर्क किया है। वहीं एमसीए ने वित्त मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है। एमसीए के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा कि आईसीएआई ने इस मामले में बैंक द्वारा कोई जानकारी दिए जाने की खबर का खंडन किया है। अधिकारी ने कहा, 'आईसीएआई ने हमें सूचित किया था कि बैंक ने एफआईआर के संदर्भ में सीबीआई को दी गई कोई जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया है। उसके आधार पर हमने वित्त मंत्रालय से कहा है कि वह बैंक को निर्देश दे कि वह सीए नियामक के साथ जानकारी साझा करे।' 
 
आईसीएआई ने पीएनबी के चार्टर्ड अकाउंटेंटों की जांच करने की योजना बनाई है। सीबीआई द्वारा दायर एफआईआर में गीतांजलि जेम्स के प्रबंध निदेशक चोकसी, पीएनबी के सेवानिवृत उप महा प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टïी, बैंक के सिंगल विंडो ऑफीसर और गीतांजलि जेम्स और नक्षत्र ब्रांड लिमिटेड के निदेशकों दिनेश गोपालदास भाटिया, मजूरा यश अजानेय, अनियंत शिवरामन नायर, कृष्णन संगमेश्वरन को अभियुक्त बनाया गया है।  सीबीआई अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके चाचा चोकसी द्वारा विभिन्न कंपनियों के माध्यम से पीएनबी के साथ कथित तौर पर 11,400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी किए जाने के मामले में जांच कर रही है। 
 
वित्त विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों (पीएसबी) की आईटी टीमों के साथ बैठक करेगा कि पीएनबी जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। विभाग ने सभी पीएसबी को प्रौद्योगिकी खामियां दूर करने का निर्देश दिया है। इन खामियों की वजह से ही मोदी और चोकसी समूह की कंपनियों की ओर से धोखाधड़ी से एलओयू जारी कर दिए गए थे।  इस बीच वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बैंकों से धोखाधड़ी की आशंका को देखते हुए 50 करोड़ रुपये से अधिक के एनपीए खातों की जांच करने को कहा था। सरकार ने भी इन बैंकों को सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) जैसी जांच एजेंसियों से जुड़कर इन धोखाधडिय़ों का पता लगाने को कहा है। 
 
वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों से कर्मचारियों के लिए रोटेशन पॉलिसी पर तुरंत अमल करने को कहा है। इस मामले में, पीएनबी ने अपनी स्वयं की कार्मिक नीति पर भी अमल नहीं किया जिसमें कहा गया है कि कर्मचारी तीन साल से अधिक समय तक किसी शाखा में समान पद पर काम नहीं कर सकते। पीएनबी के पूर्व उप शाखा प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टïी पर अब धोखाधड़ी वाले लेनदेन का आरोप लगा है। शेट्टïी 31 मई 2017 को पीएनबी से सेवानिवृत हो गए। 
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