दूसरे बैंकों जैसे होंगे वेतन-पद

अनूप रॉय और अभिजित लेले | मुंबई Mar 01, 2018 10:07 PM IST

सरकार ने आईडीबीआई बैंक लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह दूसरे राष्ट्रीयकृत बैंकों के अनुरूप ही वेतन और कर्मचारियों के पदनाम तय करे। सरकार के इस निर्देश से इस बैंक के कुछ विशेषाधिकार अब खत्म हो जाएंगे जिसका लाभ यह बतौर ऋण देने वाली संस्था के तौर पर 1960 के दशक से ही उठाता रहा है।  आईडीबीआई बैंक को भी सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक ही माना जाता है लेकिन इसे 'अन्य सार्वजनिक क्षेत्र' के बैंक के तौर पर नामित किया जाता है क्योंकि इसका मौलिक स्वरूप कर्ज देने वाले संस्थान से अब बदल गया है। इस बैंक के अध्यक्ष की हैसियत में भी अंतर था। आईडीबीआई बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के इन अधिकारियों के बराबर ही माना जाता था। बैंक का कॉरपोरेट पदानुक्रम भी अन्य बैंकों से बिल्कुल अलग था। 
 
आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों का वेतन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लगभग समान ही था। आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों को सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के मुकाबले ज्यादा वेतन मिलता था। लेकिन अब सबकुछ बदल जाएगा। कुछ साल पहले जब सरकार ने कहा था कि आईडीबीआई के एमडी (प्रबंध निदेशक) और सीईओ (मुख्य कार्याधिकारी) की श्रेणी दूसरे बैंकों के समान ही होगी उसी वक्त इस बैंक का विशेष दर्जा काफी हद तक खत्म हो गया था। अब सरकार ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) से कहा है कि वह आईडीबीआई के वेतन को अन्य बैंकों के बराबर लाने की राह सुनिश्चित करे। आईडीबीआई बैंक की कमाई अन्य बैंकों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा है ऐसे में वे प्रत्यक्ष तौर पर बैंक उद्योग के वेतन समझौता प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होंगे। लेकिन आईडीबीआई बैंक को समान वेतनमान की उन शर्तों का अनुपालन करना होगा जिसे बैंकिंग उद्योग स्वीकार करता है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र का कहना है कि ऐसे में आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ अतिरिक्त भत्ते की सुविधा खत्म हो सकती है।
 
अगर आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों को अन्य बैंकों के कर्मचारियों के मुकाबले ज्यादा वेतन मिला करता था तो ऐसे में मुमकिन है कि उनके वेतन को समान स्तर पर लाने के लिए इस साल उनके वेतन में कम बढ़ोतरी होगी। अब तक आईडीबीआई बैंक ही अपने कर्मचारियों का वेतन तय करता था। इस बैंक के पद भी अन्य बैंकों के मुकाबले काफी अलग हैं। मिसाल के तौर पर किसी अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों में एमडी और सीईओ के बाद कार्यकारी निदेशक (ईडी) का पद होता है। लेकिन आईडीबीआई बैंक में यह पद उप प्रबंध निदेशक (डीएमडी) का है। इसी तरह अन्य बैंकों में महाप्रबंधक होते हैं जबकि आईडीबीआई बैंक में यह पद कार्यकारी निदेशक का होता है। ऐसे में आईडीबीआई के सभी ईडी का पदनाम अब महाप्रबंधक हो सकता है और डीएमडी को ईडी बनाया जा सकता है। इस बैंक का वेतन भी दूसरे बैंकों के बराबर ही होगा।
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