'डिफॉल्टर प्रवर्तकों को बोली से रोका जाए'

भाषा |  Mar 04, 2018 11:02 PM IST

ऐक्सिस बैंक की प्रमुख शिखा शर्मा ने दीर्घकालिक फायदे के लिए बेहतर ऋण संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए चूककर्ता प्रवर्तकों को ऋणशोधन प्रक्रिया में अपनी आस्तियों के लिए बोली लगाने की अनुमति नहीं दी जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक चूककर्ता कर्जदारों के खिलाफ ऋणशोधन प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दे रहा है, ऐसे में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरणों एनसीएलटी को मजबूत बनाए जाने की जरूरत है।  
ऐक्सिस बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ शर्मा ने हाल ही में यह बात कही। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से और अधिक मामले एनसीएलटी में जाएंगे, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उनकी क्षमता बढ़ाई जाए ताकि वे सभी मामलों का निपटान कर सकें। इस पहलू पर कुछ बातचीत पहले ही चल रही है और आरबीआई ने इस जरूरत को पहले ही अपने दिमाग में रखा होगा। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों के खिलाफ बैंकों ने ऋणशोधन प्रक्रिया शुरू की है उनके प्रवर्तकों को उन्हीं आस्तियों की बोली में भाग लेने से रोका जाना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि बैंकों के लिए अल्पकालिक लक्ष्य तो यही होगा कि वे बोली के लिए पेश आस्तियों से मूल्य को अधिकाधिक करें और इसके लिए प्रर्वतकों को आस्तियों में बोली लगाने की अनुमति दी जा सकती है।
कीवर्ड Bank, axis bank, credit policy, bid, IBC,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक