पीएनबी को करना होगा बड़ा प्रावधान

सोमेश झा | नई दिल्ली Mar 09, 2018 10:28 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक को मौजूदा वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में करीब 6,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना पड़ सकता है, जो बैंक की मुंबई शाखा से नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की कंपनियों को फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने के चलते हुए 127 अरब रुपये घोटाले के जरिए हुए नुकसान के लिए होगा। 

 

पीएनबी के एक अधिकारी ने कहा, हमारा शुरुआती अनुमान बताता है कि हमें मार्च तिमाही में करीब 60 अरब रुपये का प्रावधान करना होगा। 60 अरब रुपये के एलओयू के भुगतान की तारीख इसी तिमाही में पड़ती है। यह बैंक के आकस्मिक देनदारी होगी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो के पास दर्ज कराई गई पीएनबी की शिकायत के मुताबिक, बैंक की तरफ से मेहुल चोकसी की फर्मों को जारी 143 एलओयू में से 124 की भुगतान की तारीख इस साल 31 मार्च तक है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर चोकसी प्रवर्तित गीतांजलि समूह की कंपनियां कर्ज की रकम अदा नहीं करती है तो पीएनबी को पूरी देनदारी का बोझ उठाना होगा और अन्य बैंकों को रकम चुकानी होगी। पीएनबी ने भारतीय बैंकों की विदेशी शाखाओं को एलओयू जारी किए थे और इसके जरिए कर्ज की रकम पीएनबी के नोस्ट्रो खाते में हस्तांतरित की गई।

पीएनबी की शिकायत के मुताबिक, नीरव मोदी की फर्मों को जारी ज्यादातर एलओयू के भुगतान की तारीख भी मार्च तिमाही में है। मार्च तिमाही में उच्च प्रावधान की अनिवार्यता से चिंतित पीएनबी ने भारतीय रिजर्व बैंक से राहत मांगी है। बैंक ने नियामक से पूछा है कि क्या वह इस नुकसान को चार तिमाही में फैला सकता है। आरबीआई के मौजूदा नियमों के मुताबिक, बैंक को सामान्य तौर पर बैंक को उसके ऊपर बकाया बकाया रकम के बराबर प्रावधान करना होता है या फिर बैंक की तत्काल देनदारी के बराबर, जो घोटाले के जरिए सामने आया है। 

हालांकि बैंक धोखाधड़ी से जुड़े नुकसान के लिए चार तिमाही में प्रावधान कर सकता है ताकि ऐसे प्रावधान के चलते तिमाही लाभ-हानि पर बहुत असर न दिखे। पीएनबी ने पहली बार जनवरी में 127 अरब रुपये की धोखाधड़ी पकड़ी थी।

अगर आरबीआई इस अनुरोध से सहमत होता है तो बैंक को इस वित्त वर्ष मार्च तिमाही में करीब 30 अरब रुपये का प्रावधान करना पड़ेगा। बैंक के अधिकारी ने कहा, हमें भरोसा है कि आरबीआई हमारा अनुरोध मान लेगा और संभावित नुकसान को चार तिमाही में बांटने की अनुमति देगा। 

अगर नियामक सहमत नहीं होता है तो हमें मार्च तिमाही में 127 अरब रुपये के लिए प्रावधान करना होगा क्योंकि कई एलओयू के भुगतान की तारीख अगले वित्त वर्ष में है। पीएनबी के अधिकारियों ने कहा कि आरबीआई से मामला स्पष्ट करने की मांग की गई है क्योंकि फर्जी एलओयू से जुड़े घोटाले की प्रकृति अप्रत्याशित है।
कीवर्ड पंजाब नैशनल बैंक, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी,

  
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