आरबीआई कर रहा सरकारी बैंकों का विशेष ऑडिट

भाषा | नई दिल्ली Mar 11, 2018 10:44 PM IST

बैंकों में धोखाधड़ी के मामलों से परेशान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सरकारी बैंकों के विशेष ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की है। इस ऑडिट में मुख्य ध्यान व्यापारिक गतिविधियों के वित्त पोषण और बैंकों द्वारा जारी किए जाने वाले गारंटी पत्रों (एलओयू) पर दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई ने सभी बैंकों से उनके द्वारा जारी किए गए एलओयू की जानकारी मांगी है। इसमें बकाया राशि की जानकारी भी मांगी गई है। आरबीआई यह भी देखेगा कि बैंकों के पास ऋण सीमा की पहले से अनुमति थी या नहीं और गारंटी पत्र जारी करने से पहले उनके पास पर्याप्त नकद मार्जिन उपलब्ध था या नहीं। सूत्रों ने कहा कि हाल में उजागर पंजाब नेशनल बैंक-नीरव मोदी धोखाधड़ी मामले समेत अधिकतर बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी के मामले व्यापार वित्त पोषण से जुड़े हैं। इसके अलावा जान-बूझकर ऋण नहीं चुकाने के भी कई मामले व्यापार वित्त पोषण से जुड़े रहे हैं। हाल में पीएनबी के साथ किए गए 12,646 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में भी एलओयू का इस्तेमाल किया गया। इसे ध्यान में रखते हुए आरबीआई इस ऑडिट में इनसे जुड़े मामलों की भी जांच करेगा।

 

उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी का मामला सामने आने के तुरंत बाद सीबीआई ने दिल्ली के हीरा निर्यातक द्वारका दास सेठ इंटरनैशनल के खिलाफ भी ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में 389.85 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। एसबीआई व यूको बैंक को एनपीए खरीदार की तलाश सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) तथा यूको बैंक को अपनी 1,245 करोड़ रुपये की गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के लिए खरीदार की तलाश है। 

एसबीआई ने बोली दस्तावेज में कहा है, हमने जेनिथ बिड़ला (इंडिया) और सोना अलॉयज प्राइवेट लि. के खातों को बिक्री के लिए पेश किया है। सोना अलॉयज पर एसबीआई का 647.64 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, जबकि जेनिथ बिड़ला पर 139.36 करोड़ रुपये का बकाया है। एसबीआई ने इच्छुक पक्षों से 12 मार्च तक अपना रुचि पत्र देने को कहा है। ई-बोली की प्रक्रिया 23 मार्च को होगी। उधर, कोलकाता के यूको बैंक ने 457.98 करोड़ रुपये के 13 एनपीए खातों की पहचान की है। उसने इच्छुक इकाइयों से 13 मार्च तक रुचि पत्र देने को कहा है। 

ऑडिट पर आईसीएआई की सलाह
भारतीय सनदी लेखा संस्थान (आईसीएआई) ने कहा है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सुनिश्चित करना होगा कि बैंकों में संयुक्त ऑडिट के दौरान काम का आवंटन संबंधित प्रबंधनों की सहमति से होना चाहिए। सदस्यों के लिए आईसीएआई की सलाह ऐसे समय में आई है जब इसे आरबीआई से सूचना मिली कि बैंकों के संयुक्त ऑडिटरों व बैंकों के प्रबंधन के बीच काम के आवंटन को लेकर कुछ निश्चित मसले सामने आए हैं।
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