इरादतन चूक करने वालों का पासपोर्ट रद्द होगा

अरूप रायचौधरी और सुरजीत दास गुप्ता | नई दिल्ली Mar 12, 2018 10:44 PM IST

इरादतन चूक करने वालों के भाग जाने और बैंकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को रोकने के लिए सरकार ने दिवालिया संहिता के तहत संदर्भित कंपनियों के प्रवर्तकों को निर्देश दिया है कि वह अग्रणी बैंक को अपना पासपोर्ट सौंप दें। समझा जाता है कि केंद्र सरकार ने कहा है कि सभी इरादतन चूक करने वालों के पासपोर्ट रद्द कर दिए जाएं और गैर-निष्पादित आस्तियों के तौर पर वर्गीकृत कंपनियों को इसकी विस्तृत जानकारी अग्रणी बैंकों के पास जमा कराने को कहा है।

यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि नीरव मोदी, मेहुल चोकसी व विजय माल्या जैसे चूक करने वाले या धोखाधड़ी करने वाले देश छोड़ न सकें। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस कदम से सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय जैसी एजेंसियों को जांच में सहयोग मिलेगा और ऐसा करने वालों से पूछताछ में आसानी होगी।

एक अधिकारी ने कहा, अगर डिफॉल्ट करने वाला देश छोड़कर भागने की कोशिश करेगा तो तत्काल उठाए गए इन कदमों से जांच एजेंसियों व बैंकों के बीच पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इरादतन चूक करने वालों के पासपोर्ट रद्द करने का काम विदेश मंत्रालय करेगा।

लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए हुई 127 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से पंजाब नैशनल बैंक और अन्य बैंकों को झटका लगा है। इस मामले में सीबीआई ने नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के प्रवर्तक मेहुल चोकसी के कई सहायक व पंजाब नैशनल के कर्मचारियों से पूछताछ की है। हालांकि चोकसी और मोदी देश छोड़कर भाग गए हैं। इनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं। उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया काफी लंबी है।
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