पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड की शर्तों पर बैंकों की सहमति

सोमेश झा | नई दिल्ली Mar 13, 2018 10:42 PM IST

20 बैंकों को मिली निदेशक मंडल की मंजूरी

मौजूदा वित्त वर्ष में केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली 800 अरब रुपये की पूंजी के लिए सभी सरकारी शर्तों पर सार्वजनिक क्षेत्र के 20 बैंकों ने अपने-अपने निदेशक मंडल की मंजूरी हासिल कर ली है, जो सरकार की पुनर्पूंजीकरण योजना का हिस्सा है।

पुनर्पूंजीकरण प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निदेशक मंडल की मंजूरी केंद्र सरकार के सुधार एजेंडे को लागू करने की योजना को लागू करने के लिए जरूरी होती है। इसे ईज (एनहांस्ड एक्सेस ऐंड सर्विस एक्सीलेंस) योजना के नाम से भी जाना जाता है। सरकार से पुनर्पूंजीकरण फंड हासिल करने की खातिर सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा, हमें सभी बैंकों से सूचना मिली है कि उनके निदेशक मंडलों ने ईज योजना को मंजूरी दे दी है। पुनपूंजीकरण बॉन्ड जारी करने के लिए हम आर्थिक मामलों के विभाग के पास प्रस्ताव भेज रहे हैं ताकि इसकी मंजूरी मिल सके। अधिकारी ने कहा, आर्थिक मामलों के विभाग से मंजूरी एक हफ्ते में मिल सकती है, जिसके बाद पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड जारी किया जाएगा। सरकार इसके अतिरिक्त अपने कोष से 81 अरब रुपये की पूंजी बैंकों को देगी।

ईज योजना के तहत पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड जारी करने के लिए सरकार ने सख्त शर्तें रखी है। इन शर्तों में सरकारी बैंकों को दबाव वाली संपत्ति प्रबंधन का विभाग सृजित करने, 2.5 अरब रुपये से ज्यादा कर्ज की विशेष निगरानी के लिए एजेंसियों के साथ गठजोड़, कर्ज के बड़े डिफॉल्टर पर कड़ी नजर और हर तिमाही में सुधार पर निगरानी के लिए पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति शामिल है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, हम सरकारी बैंकों को किए गए वादे के मुताबिक पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड के तहत रकम उपलब्ध कराएंगे, जिसके बारे में हमने जनवरी में विस्तार से जानकारी दी थी। हालांकि सरकार पंजाब नैशनल बैंक के लिए पुनर्पूंजीकरण फंड में इजाफा नहीं करेगी, जहां 129 अरब रुपये का घोटाला हुआ है और यह घोटाला नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की फर्मों को मिले फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग से जुड़ा है। 

पीएनबी को इस वित्त वर्ष में केंद्र सरकार से 54.7 अरब रुपये मिलने हैं। 800 अरब रुपये के पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड की अवधि 10 से 15 साल की होगी और इसकी ब्याज दर 7.35 फीसदी से 7.68 फीसदी के दायरे में होगी। साल 2028 में परिपक्व होने वाले ऐसे बॉन्ड पर ब्याज दर 7.35 फीसदी, 2029 मेंं परिपक्व होने वाले बॉन्ड पर 7.42 फीसदी, 2030 में परिपक्व होने वाले बॉन्ड पर 7.48 फीसदी, 2031 के लिए 7.55 फीसदी, 2031 के लिए 7.61 फीसदी और 2033 में परिपक्व होने वाले बॉन्ड पर ब्याज दर 7.68 फीसदी होगी।

भारतीय स्टेट बैंक को पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड के तहत सबसे ज्यादा 88 अरब रुपये मिलेंगे, जिसके बाद आईडीबीआई बैंक को 78.8 अरब रुपये और बैंक ऑफ इंडिया को 69.7 अरब रुपये मिलेंगे। 11 सरकारी बैंक आरबीआई की त्वरित उपचारात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं और इन्हें इस वित्त वर्ष में 523 अरब रुपये मिलेंगे जबकि अच्छे बैंकों को इसके जरिए 358 अरब रुपये दिए जाएंगे।

पिछले साल घोषित 2.11 लाख करोड़ रुपये की पुनर्पूंजीकरण योजना चरणों में लागू होगी। बॉन्ड के जरिए 800 अरब रुपये दिए जाने के अलावा बाकी 1.35 लाख करोड़ रुपये बजटीय सहायता व बाजार उधारी के जरिए जुटाए जाएंगे, जो अगले वित्त वर्ष में होने की संभावना है।
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