स्टेट बैंक ने न्यूनतम राशि न रखने पर जुर्माना घटाया

निकहत हेटावकर | मुंबई Mar 13, 2018 10:47 PM IST

देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने बचत खाते में न्यूनतम औसत मासिक राशि (एएमबी) नहीं रखने पर लगाए जाने वाले दंड शुल्क को तीन चौथाई से भी कम कर दिया है। बैंक ने यह फैसला विभिन्न साझेदारों से बाचतीत के बाद किया है। 
मेट्रो और शहरी क्षेत्र में एएमबी न्यूनतम सीमा से कम होने पर पहले बैंक 50 रुपये मासिक दंड और उसके साथ वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) वसूल करता था। अब इसे घटाकर  15 रुपये और जीएसटी कर दिया गया है। कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्र में एएमबी कम होने पर दंड शुल्क 40 रुपये की जगह 12 रुपये प्रति माह और जीएसटी एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 रुपये प्रतिमाह और जीएसटी कर दिया गया है। शुल्क की नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होंगी। यह शुल्क उन ग्राहकों पर लागू होगा जो बैंक द्वारा तय न्यूनतम मासिक राशि खाते में नहीं रखेंगे। 

बैंक ने पिछले साल अप्रैल महीने में न्यूतनम बैलेंस की राशि बढ़ा दी थी, जिससे बैंक के ग्राहकों में अच्छी खासी कमी आ गई। बैंक ने बाद में न्यूनतम बैलेंस की राशि 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दी, जो अक्टूबर 2017 से प्रभावी है। 

स्टेट बैंक में 41 करोड़ बचत खाते हैं, जिनमें से 16 करोड़ खाते प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) या बुनियादी बचत खाते (बीएसबीडी) के तहत आते हैं। पेंशनभोगियों, बच्चों, सामाजिक सुरक्षा पाने वालों को पहले ही छूट मिली हुई है। इसके अलावा 21 साल तक के विद्यार्थियों को भी छूट मिली है। उपरोक्त बदलाव का फायदा 25 करोड़ ग्राहकों को मिलेगा। 

बैंक के प्रबंध निदेशक (खुदरा एवं डिजिटल बैंकिंग) पीके गुप्ता ने कहा, बैंक ने इन दरों में यह कटौती ग्राहकों से मिली प्रतिक्रिया एवं उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए की है। इसके अलावा बैंक अपने ग्राहकों को उनके नियमित बचत खाते को प्राथमिक बचत बैंक जमा खाते (बीएसबीडी) में परिवर्तित कराने का विकल्प भी दे रहा है। इन खातों में जमा राशि कम होने पर भी दंड नहीं लगता।
कीवर्ड एसबीआई, एएमबी, जीएसटी,

  
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