पीएनबी के अग्रिम कर भुगतान को लेकर कर विभाग चिंतित

दिलाशा सेठ | नई दिल्ली Mar 14, 2018 10:58 PM IST

अग्रिम कर जमा करने की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ आय कर विभाग ने संकटग्रस्त पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) से जानना चाहा है कि वह अपने खाते में 129 अरब रुपये को किस रूप में देख रहा है और कर देनदारी क्या होगी। यह सवाल नीरव मोदी घोटाले के बाद अहम हो गया है।

 

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बैंक के सीईओ और एमडी सुनील मेहता और अन्य अधिकारियों से जानना चाहा है कि लेटर आफ अंडरटेकिंग (एलओयू) को वे पीएनबी खाते में कहां रिकॉर्ड करते थे।

 

आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम पीएनबी के मुनाफे में आने में दिलचस्पी रखते हैं। बैंक हमारा बड़ा करदाता है। हम जानना चाहते हैं कि बैंक चौथे अग्रिम कर किस्त के पहले 129 अरब रुपये को खाते में किस रूप में रखेगा।' 129 अरब रुपये के एलओयू के प्रावधान बैंक के मुनाफे पर असर डाल सकते हैं और इसका असर चालू वित्त वर्ष में कर की देनदारी पर भी पड़ेगा। 

2017-18 के लिए अग्रिम कर की चौथी किस्त जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च है। अग्रिम कर का मतलब यह है कि उस समय कर का भुगतान किया जाए, जब पैसा कमाया गया है, न कि वित्त वर्ष के समाप्त होने का इंतजार किया जाए।  पहली किस्त का भुगतान 15 जून (15 प्रतिशत) दूसरी किस्त का भुगतान 15 सितंबर (30 प्रतिशत), तीसरी किस्त का भुगतान 15 दिसंबर (30 प्रतिशत) और उसके बाद 15 मार्च (25 प्रतिशत) तक करना होगा है। प्रत्यक्ष कर राजस्व संग्रह का करीब 45 प्रतिशत अग्रिम कर से, 35 प्रतिशत कर टीडीएस से, 10 प्रतिशत स्वत: आकलन से और 10 प्रतिशत कर वसूली से आता है।
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