'अनुपालन न करने वाले ऐप से यूपीआई लेनदेन खारिज करें बैंक'

मयंक जैन | नई दिल्ली Mar 19, 2018 09:53 PM IST

नैशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन आफ इंडिया (एनपीसीआई) ने शुक्रवार को जारी अधिसूचना में बैंकोंं और भुगतान सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि अनुपालन न करने वाले यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ऐप के माध्यम से होने वाले लेन देन को खारिज कर दें।  सभी यूपीआई समर्थित बैंंकों को भेजे गए अपनी अधिसूचना में कहा गया है कि सभी यूपीआई ऐप के लिए यह जरूरी है कि वे धन भेजने या प्राप्त करने का काम वर्चुअल भुगतान के पते, क्यूआर कोड, भारत क्यूआर या यूपीआई क्यूआर कोड जनरेट करने और स्कैनिंग से भुगतान स्वीकार करने व उसी फोन पर प्रयोजन संबंधी कॉल का जवाब देने की व्यवस्था करें। 
 
एनपीसीआई ने कहा है कि इन दिशानिर्देशों को निश्चित रूप से अनिवार्य बनाया जाना चाहिए, जिसका पालन बैंंक और मर्चेंट ऐप पालन करें और केवल मर्चेंट कारोबार चलाने वालों को कुछ कार्यों से बाहर किया जाना चाहिए, लेकिन अभी भी वीपीए के माध्यम से भुगतान स्वीकार करने व भेजने की जरूरत होगी। उन्हें निश्चित रूप से क्यूआर कोड स्कैन करने और अन्य फोनोंं पर आए आवेदन पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम होना चाहिए। इसके पीछे का मकसद यह लगया है कि यूपीआई प्लेटफॉर्म पर ऐप में अंतर की स्थिति मेंं सुधार हो जबकि एनपीसीआई खुद को और बैंकों को  लेन देन निरस्त करने का अधिकार मिल सके, अगर ऐप नियमोंं का अनुपालन नहीं करते हैं। 
 
इसके पहले बिजनेस स्टैंडर्ड ने खबर दी थी कि असफल हुए यूपीआई लेन देन की वजह से पैसा बैंकों के बीच फंस रहे हैं, जिसका कोई कोई समाधान एनपीसीआई के पास नहीं है। एनपीसीआई के पूर्व प्रमुख एपी होता के एक अनुमान के मुताबिक असफलता की दर 15 प्रतिशत के उच्च स्तर तक हो सकती है, हालांकि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। 
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