10 मई तक 200 करोड़ जमा कराए जेपी एसोसिएट्स

भाषा | नई दिल्ली Mar 21, 2018 09:40 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने रियल एस्टेट कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) को 10 मई तक दो किस्तों में 200 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाले पीठ ने रियल एस्टेट कंपनी को 6 अप्रैल तक 100 करोड़ रुपये और शेष राशि 10 मई तक जमा कराने को कहा है। पीठ ने यह भी कहा कि रिफंड का विकल्प चुनने वाले खरीदारों को रियल एस्टेट कंपनी की ओर से ईएमआई भुगतान में डिफॉल्ट का कोई नोटिस न भेजा जाए। उच्चतम न्यायालय ने जेएएल से कहा कि वह रिफंड पाने के इच्छुक सभी मकान खरीदारों का परियोजना-दर-परियोजना चार्ट जमा करें, ताकि उन्हें आनुपातिक आधार पर धन वापस किया जा सके। 
 
शीर्ष न्यायालय ने कहा, अभी हम रिफंड को लेकर चिंतित हैं, जो मकान खरीदार फ्लैट चाहते हैं उनके मुद्दों पर बाद में बात करेंगे।  इस बीच जेएएल ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि 31,000 मकान खरीदारों में से केवल 8 फीसदी ने रिफंड का विकल्प चुना है और बाकी चाहते हैं कि फ्लैट उन्हें सौंप दिया जाए। कंपनी ने न्यायालय को यह भी बताया कि उसे 2017-18 में अभी तक 13,500 फ्लैटों के लिए कब्जा प्रमाण पत्र मिले हैं। जेएएल ने 25 जनवरी को न्यायालय में 125 करोड़ रुपये जमा कराए थे। 
 
आम्रपाली की सोसाइटियों के बिजली कनेक्शन काटे
 
बिजली विभाग ने आम्रपाली बिल्डर की नोएडा सेक्टर 74 और 76 स्थित सोसाइटियों के कनेक्शन बुधवार को काट दिए। आम्रपाली पर विभाग का 5 करोड़ रुपये बकाया है। अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग (प्रथम) आर के राणा ने बताया कि आम्रपाली के सेक्टर  74 और सेक्टर 76 स्थित प्रोजेक्ट में चार कनेक्शन लगे हैं। बिल्डर पर 5 करोड़ रुपये का बकाया है। बार-बार बकाया मांगने के बावजूद बिल्डर पैसे जमा नहीं करा रहा था।
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