पानगढिय़ा ने सरकारी बैंकों के निजीकरण की वकालत की

भाषा | नई दिल्ली Mar 25, 2018 09:54 PM IST

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पानगढिय़ा ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की बढ़ चढ़कर वकालत की है। हालांकि, स्टेट बैंक को उन्होंने इससे अलग रखा है।  उन्होंने कहा कि 2019 में सरकार बनाने को लेकर गंभीर राजनीतिक दलों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का प्रस्ताव अपने घोषणा पत्र में शामिल करना चाहिए। वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पानगढिय़ा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में एक के बाद एक घोटाले और कर्ज में फंसी राशि (एनपीए) ही इनके निजीकरण की पर्याप्त वजह हो सकते हैं। 
 
पानगढयि़ा ने को दिए साक्षात्कार में कहा, 'पूरी शिद्दत से मेरा मानना है कि शायद भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों का निजीकरण राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र का हिस्सा होना चाहिए। जो भी राजनीतिक दल 2019 में सरकार बनाने को लेकर अपने आप को गंभीर उम्मीदवार मानते हैं उन्हें अपने घोषणा पत्र में यह प्रस्ताव शामिल करना चाहिए।' पानगढिय़ा से सरकारी क्षेत्र के बैंकों में हाल में सामने आए घोटालों के बारे में सवाल किया गया था। 
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