आईसीआईसीआई बैंक पर निगहबानी

एजेंसियां | नई दिल्ली Mar 30, 2018 09:37 PM IST

कथित तौर पर हितों के टकराव को लेकर आईसीआईसीआई बैंक इन दिनों विवादों में हैं क्योंकि मामले के साथ बैंक की मुख्य कार्याधिकारी चंदा कोछड़ जुड़ी हुई हैं। ऐसे में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) मामले पर नजर डाल रहा है कि क्या इस मामले में कंपनी प्रशासन एवं खुलासा संबंधी कोई चूक तो नहीं की गई है। इसके अलावा वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और उसके प्रवर्तक भी नियामक की जांच के घेरे में हैं क्योंकि इस मामले का संबंध ऋणदाताओं के एक समूह से कथित अनैतिक ऋण से है। ऋणदाताओं के उस समूह में आईसीआईसीआई बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ बैंक भी शामिल हैं।
 
एक वरिष्ठï अधिकारी ने बताया कि बाजार नियामक ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान निजी क्षेत्र के इस शीर्ष बैंक द्वारा किए गए विभिन्न खुलासों की आरंभिक जांच शुरू कर दी है। जबकि स्टॉक एक्सचेंजों ने इस संबंध में किए गए हालिया खुलासों को लेकर अतिरिक्त स्पष्टïीकरण मांगी है। आईसीआईसीआई बैंक भारत के चौथे सबसे अधिक मूल्यवान बैंक है जिसका बाजार पूंजीकरण करीब 1.8 लाख करोड़ रुपये है। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स का भी हिस्सा है। आईसीआईसीआई बैंक के बोर्ड ने कोछड़ पर पूरा भरोसा जताया है जबकि उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि 2016 में ही नियामकीय सवालों के संतोषजनक जवाब दे दिए गए थे। उस समय वीडियोकॉन को दिए गए ऋण को लेकर हितों का कोई टकराव नहीं पाया गया था जबकि वह भी उस कंसोर्टियम का हिस्सा थी।
 
आईसीआईसीआई बैंक के चेयरमैन एमके शर्मा ने गुरुवार को कहा था, 'मैं यह स्पष्टï तौर पर कहना चाहता हूं कि हमने हमेशा नियामक के सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया है।' लेकिन उन्होंने खास तौर पर किसी नियामक के नाम का खुलासा नहीं किया। हालांकि सूत्रों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस मसले पर बैंक से साल 2016 में स्पष्टीकरण मांगा था, जिस पर बैंक ने भी जवाब दिया था।
 
इस हफ्ते मीडिया की खबरों में वीडियोकॉन समूह को अनुचित तरीके से दिए गए कर्ज में कोछड़ व परिवार के अन्य सदस्यों की कथित मिलीभगत की बात कही गई थी। वीडियोकॉन समूह और न्यूपावर रीन्यूएबल्स के साथ हुए लेनदेन पर भी सवाल उठाए गए थे। इस कंपनी के परिचालक उनके पति दीपक कोछड़ हैं। बैंक ने कोछड़ का बचाव करते हुए कहा था कि निदेशक मंडल को उन पर पूरा भरोसा है। बोर्ड ने निष्कर्ष के तौर पर कहा था कथित अफवहा में अनुचित, भाई-भतीजावाद और हितों का टकराव जैसा कोई मसला नहीं है। शर्मा ने गुरुवार को कहा था, बैंक की प्रबंध निदेशक व सीईओ चंदा कोछड़ पर निदेशक मंडल को पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह कंसोर्टियम की अग्रणी बैंक नहीं थी और बैंक ने 3250 करोड़ रुपये के कर्ज के एक हिस्से का ही आवंटन किया था, जो अप्रैल 2012 में कंसोर्टियम के कुल कर्ज का 10 फीसदी से भी कम था।
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