'व्यक्तिगत संबंधों का नतीजा आपराधिक कृत्य नहीं होता'

एजेंसियां | मुंबई/नई दिल्ली Apr 01, 2018 08:55 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज प्राप्त करने के बदले में कथित तौर पर मदद पहुंचाने के मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आए वीडियोकॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत ने कहा कि वह ऋण मंजूर करने वाली समिति के सभी 12 सदस्यों को जानते हैं और दो लोगों के बीच व्यक्तिगत संबंध होने का परिणाम हमेशा आपराधिक कृत्य नहीं होता है। रिपोर्टों में वीडियोकॉन समूह को कर्ज मुहैया कराने के बदले आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख चंदा कोछड़ और उनके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। आईसीआईसीआई बैंक ने 2012 में वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था, जो कि बाद में गैरनिष्पादित संपत्ति (एनपीए) में तब्दील हो गया। 
 
वीडियोकॉन समूह पर चंदा कोछड़ के पति दीपक कोछड़ की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स में निवेश का आरोप लगा है। आईसीआईसीआई बैंक से कर्ज मामले में चंदा कोछड़ से जुड़े सवाल पर धूत ने कहा कि इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं था। वह कर्ज मंजूर करने वाली 12 सदस्यीय समिति की एक सदस्य मात्र थी, जिस समिति ने वीडियोकॉन समूह का 3,250 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया था। धूत ने दावा किया कि वह सभी 12 सदस्यों को जानते हैं और बैंक के पूर्व चेयरमैन के वी कामत (समिति के प्रमुख) के साथ तो वह अक्सर दोपहर में भोजन करते रहे हैं। 
 
मराठी टीवी चैनल से धूत ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण तेल एवं गैस क्षेत्र में परियोजनाओं की योग्यता पर आधारित था। उन्होंने कहा, आईसीआईसीआई बैंक की ओर से वीडियोकॉन को कोई मदद नहीं की गई है क्योंकि आईसीआईसीआई बैंक इस पूरे मामले में कंसोर्टियम व्यवस्था के साथ जुड़ा था और कुल मिले कर्ज में उसकी हिस्सेदारी 10 फीसदी से भी कम थी। धूत ने कहा कि जब न्यूपावर रिन्यूएबल्स शुरू हुई थी तो उन्होंने कंपनी में करीब 2.5 लाख रुपये निवेश किए थे, लेकिन तुरंत ही पूरे निवेश को बेच दिया था। उन्होंने उनके समूह द्वारा न्यूपावर रिन्यूएबल्स में 64 करोड़ रुपये के निवेश की बात को खारिज कर दिया।
कीवर्ड ICICI, bank, CBI,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक