प्रवर्तन निदेशालय ने शुरू की जांच

श्रीमी चौधरी | मुंबई Apr 01, 2018 10:46 PM IST

आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन मामला

ईडी ने बाजार नियामक सेबी से वीडियोकॉन समूह से जुड़ी जानकारियां मांगीं
जांच एजेंसी आरबीआई को भी लिखेगी पत्र
आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन-न्यूपावर रीन्यूएबल्स मामला पहली बार उठा था 2016 में

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वीडियोकॉन समूह और अन्य के खिलाफ 32.50 अरब रुपये ऋण आवंटन के मामले में प्रारंभिक जांच शुरू की है। आईसीआईसीआई बैंक ने एक समूह के हिस्से के तौर पर यह कर्ज वीडियोकॉन को आवंटित किया था। सूत्रों के अनुसार ईडी ने इस मामले की आगे की जांच के लिए बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को पत्र लिखा है, जिसमें वीडियोकॉन समूह से जुड़ी जानकारियां मांगी गई हैं।

सूत्रों ने कहा कि ऋण से जुड़ी जानकारियों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी पत्र लिखा जाएगा। सेबी को लिखे पत्र में ईडी ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान वीडियोकॉन समूह के खिलाफ हुई जांच का ब्योरा मांगा है। इस बारे में जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, 'जांच जारी है और हम संबंधित कागजात जुटा रहे हैं।' सूत्रों का कहना है कि ईडी अवैध तरीके से रकम जुटाने, लेनदेन में अनियमितताओं, साजिश रचने और धन-शोधन कानून के उल्लंघन की आशंका की जांच कर रहा है। 

इस अधिकारी ने कहा, 'इस मामले और कानून के उल्लंघन के बारे में फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी।' उन्होंने इससे और अधिक जानकारी देने से मना कर दिया।  आईसीआईसीआई बैंक-वीडियोकॉन-न्यूपावर रीन्यूएबल्स मामला पहली बार 2016 में उठा था, जब एक व्हिसलब्लोअर और निवेशक अरविंद गुप्ता ने आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक चंदा कोछड़ के पति दीपक कोछड़ और वीडिकोयॉन समूह के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत के बीच सांठगांठ होने का आरोप लगाया था।

गुप्ता ने प्रधानमंत्री, नियामकों और अन्य एजेंसियों को पत्र लिखकर इस मामले की जांच की मांग की थी। हालांकि किसी भी एजेंसी ने तब शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। ईडी के एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि जांच के तहत ईडी संदेह के घेरे में आने वाले सभी व्यक्तियों के बयान दर्ज करेगा। बयान दर्ज होने के बाद दस्तावेज के साथ एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी और कानूनी प्रावधान के अनुसार मामला दर्ज करेगी। 

एक महीने पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन समूह को कर्ज देने में कथित अनियमितता का पता लगाने के लिए दीपक कोछड़, वीडियोकॉन समूह के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ आरंभिक जांच शुरू की थी। 2012 में जब यह सौदा हुआ था तो उस समय आईसीआईसीआई बैंक बैंकों के एक समूह का हिस्सा था।  सूत्रों ने कहा कि इस आरोप की सत्यता का पता लगाने के लिए आरंभिक जांच शुरू की गई थी कि धूत ने 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से 32.50 अरब रुपये कर्ज मिलने के छह महीने बाद दीपक कोछड़ और दो अन्य संबंधियों को एक बड़ी रकम दी थी।
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