सरकारी प्रतिभूतियों के मूल्यांकन का काम फाइनैंशियल बेंचमार्क इंडिया को

भाषा | मुंबई Apr 02, 2018 05:23 PM IST

रिजर्व बैंक ने सरकारी प्रतिभूतियों के पोर्टफोलियो के मूल्यांकन के लिए फाइनैंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लि. (एफबीआईएल) को नियुक्त किया है। पहले यह काम फिक्स्ड इंकम मनी मार्केट ऐंड डेरिवेटिव्स एसोसएिशयन ऑफ इंडिया (एफआईएमएमडीए) कर रहा था। केंद्रीय बैंक ने 2017-18 की आखिरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रस्ताव किया था कि एफबीआईएल को सरकारी प्रतिभूतियों के आकलन का काम सौंपा जाएगा। आरबीआई के निर्देश के अनुसार एफआईएमएमडीए से सरकारी प्रतिभूतियों की कीमत  रिटर्न के प्रकाशन का काम 31 मार्च, 2018 से वापस ले लिया गया है।

एफआईएमएमडीए बैंकों, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों, प्राइमरी डीलर तथा बीमा कंपनियों का एसोसएिशन है। इसका गठन बॉन्‍ड, मुद्रा और डेरिवेटिव बाजार के लिए 1998 में बाजार के एक स्वैच्छिक निकाय के रूप में किया गया। यह इन बाजारों के कामकाज को प्रभावित करने वाले विभिन्न मुद्दों पर नियामकों के साथ मिलकर काम करता है। हाल की अधिसूचना में केंद्रीय बैंक ने कहा, एफबीआई मौजूदा तौर-तरीकों के आधार पर सरकारी प्रतिभूतियों तथा एसडीएल (राज्य विकास कर्ज) मूल्यांकन मानकों के प्रकाशन का काम शुरू करेगा। इसके अलावा एफबीआई मूल्यांकन पद्धित की व्यापक समीक्षा करेगा।

इसमें कहा गया है कि एफआईएमएमडीए के तहत बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, प्राइमरी डीलर, सहकारी बैंक तथा सभी वित्तीय संस्थान अब एफबीआईएल की रपटों का उपयोग कर सकते हैं। वर्ष 2014 में गठित एफबीआईएल मुंबई इंटर-बैंक आउटराइट रेट (मिबोर) तथा विकल्प बाजार में उतार-चढ़ाव के आंकड़ों का उपयोग करता रहा है। साथ ही उसने मार्केट रेपो ओवरनाइट रेट, सर्टिफिर्केट ऑफ डिपोजिट तथा टी-बिलप्रतिफल के ग्राफ जैसे मानक पेश किए।

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