निजी बैंकरों के बोनस पर आरबीआई नाखुश

अनूप रॉय और निकहत हेटावकर | मुंबई Apr 03, 2018 10:22 PM IST

रिजर्व बैंक ने नहीं दी है बोनस पैकेज को मंजूरी

बोनस हो सकता है वेरिएबल वेतन से अधिक
बैंकों के फंसे कर्ज की रिपोर्ट और आरबीआई की ऑडिटर रिपोर्ट में है व्यापक अंतर

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निजी क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को बोनस दिए जाने पर नाराजगी जताई है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय बैंक ने अभी तक इसके लिए मंजूरी नहीं दी है। अमूमन आरबीआई मार्च के मध्य तक या 31 मार्च तक निजी क्षेत्र के बैंकों के शीर्ष अधिकारियों को बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है। लेकिन वित्त वर्ष 2017-18 के बीत जाने के बावजूद अधिकांश बैंकों को बोनस पैकेज के बारे में आरबीआई की मंजूरी नहीं मिली है।

वरिष्ठ अधिकारियों को परफर्मेंस बोनस के रूप में उनके वेरिएबल वेतन से ज्यादा राशि दी जा सकती है। आईसीआईसीआई की एमडी एवं सीईओ चंदा कोछड़ 2016-17 में परफॉर्मेंस बोनस के रूप में 2.2 करोड़ रुपये मिले थे। एचडीएफसी बैंक के एमडी एवं सीईओ आदित्य पुरी को 2016-17 में 2.9 करोड़ रुपये का बोनस मिला था। उसी साल ऐक्सिस बैंक की एमडी एवं सीईओ शिखा शर्मा को 1.352 करोड़ रुपये बोनस मिला जो उनके मूल वेतन का 50 फीसदी है।

ऐक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक की नीतियों के मुताबिक वेरिएबल वेतन निर्धारित वेतन के 70 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए जबकि आईसीआईसीआई बैंक ने अधिकतम फीसदी का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक आरबीआई ने ऐसे समय में बोनस का विरोध किया है जब निजी बैंकों में फंसे कर्ज के बारे में उनकी रिपोर्ट और आरबीआई के ऑडिटरों की रिपोर्ट में व्यापक अंतर की बात पता चली है।

दिसंबर 2017 की तिमाही के अंत तक आईसीआईसीआई बैंक का सकल एनपीए अनुपात 7.82 फीसदी था जो एक साल पहले 7.2 फीसदी था। इस दौरान ऐक्सिस बैंक का सकल एनपीए 5.28 फीसदी और एचडीएफसी बैंक का 1.29 फीसदी था। एक साल पहले उनका सकल एनपीए क्रमश: 5.22 फीसदी और 1.05 फीसदी था। ऐक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई का सकल एनपीए समग्र रूप से 20 फीसदी बढ़ा जबकि एचडीएफसी बैंक का फंसा कर्ज एक साल पहले की तुलना में 57 फीसदी बढ़ गया। 

कुल मिलाकर निजी बैंकों का सकल एनपीए अनुपात कुल परिसंपत्तियों की तुलना में दिसंबर 2017 की तिमाही के अंत में 4.15 फीसदी था जबकि दिसंबर 2016 की तिमाही में यह 4.03 फीसदी था। इस बारे में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और ऐक्सिस बैंक को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं आया। आरबीआई ने भी बिज़नेस स्टैंडर्ड के ईमेल का कोई जवाब नहीं दिया। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय बैंक ने बोनस और वेरिएबल वेतन ढांचे के बारे में निजी बैंकों से स्पष्टीकरण मांगा था।
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