स्विफ्ट मामले में पीएनबी ने किया भ्रमित

अनूप रॉय और सोमेश झा | मुंबई/नई दिल्ली Apr 04, 2018 09:49 PM IST

पीएनपी बैंक धोखाधड़ी मामला

पीएनबी ने आश्वासन दिया था कि उसने स्विफ्ट के सुरक्षा मानकों को लागू किया
संसद में बताया गया कि 'यह तथ्यात्मक रूप से गलत निकला'
रिजर्व बैंक ने बैंकों को को कहा था कि वे फिनाकल 7 से फिनैकल 10 की ओर सीधे बढ़ें
फिनैकल 10 में बेहतर स्विफ्ट इंटीग्रेशन मैकेनिज्म है
रिजर्व बैंक ने स्विफ्ट ऑपरेटर के लिए अलग जगह का प्रस्ताव किया था
बैंकों को कस्टमाइज्ड स्विफ्ट मैसेज के इस्तेमाल को लेकर दी गई थी चेतावनी
पीएनबी ने इन तीनों मोर्र्चों पर कुछ भी नहीं किया

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) ने स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम को एकीकृत करने के मामले में बैंक की तैयारियों को लेकर नियामक को भ्रमित किया, अब यह सामने आ रहा है। बैंकिंग क्षेत्र के नियामक भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त मंत्रालय से हाल में कहा है कि पीएनबी प्रबंधन ने नियामक को आश्वस्त किया था कि स्विफ्ट व्यवस्था में आवश्यक नियंत्रण को लेकर अगस्त 2016 में दिए गए निर्देशों को लागू किया गया है। इस मामले में पंजाब नैशनल बैंक कम ईमानदार साबित हुआ।

मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने राज्यसभा में बताया, 'रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसने 3 अगस्त 2016 और 25 नवंबर 2016 को बैंकों के लिए दो अधिसूचना जारी की, जो स्विफ्ट मैसेजिंग सिस्टम में जरूरी नियंत्रण से संबंधित थे। इसके जवाब में पीएनबी ने 3 अगस्त की अधिसूचना के अनुपालन की पुष्टि की, जो अब तथ्यात्मक रूप से गलत साबित हुआ है।'

रिजर्व बैंक ने परामर्श भेजा था, जिसमें यह बताया गया था कि  बांग्लादेश बैंक धोखाधड़ी जैसी घटनाओं से बैंक कैसे बच सकते हैं। इसमें से एक महत्त्वपूर्ण परामर्श यह था कि इस समय इस्तेमाल किए जा रहे फिनैकल 7 से सीधे फिनैकल 10 को अपनाया जाए। इन्फोसिस द्वारा तैयार किया गया फिनैकल कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) है, जिसमें बैंक की सभी शाखाएं और कामकाज एक दूसरे से जुड़े होते हैं।  बैंकरों ने कहा कि एक्सटर्नल ब्रिजिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से फिनैकल 7 को स्विफ्ट से जोड़ा गया था, वहीं फिनैकल 10 में सीबीएस व्यवस्था के भीतर से स्विफ्ट को अलग किया गया है।

ज्यादातर बैंकों ने परामर्श के बाद फिनैकल 10 अपना लिया। भारतीय स्टेट बैंक और निजी क्षेत्र के बैंंक इसे अपनाने वालों में आगे रहे। जिन्हें इसके लिए समय चाहिए था, वे ब्रिजिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहे थे।  बैंकों ने इसके बारे मेंं नियामक को भी सूचना दी, लेकिन पीएनबी ने भ्रमित किया।  रिजर्व बैंंक के गवर्नर ऊर्जित पटेल ने 14 मार्च को अपने भाषण में कहा था, 'यह हमारे दूसरे सबसे बड़े बैंक की परिचालन संबंधी असफलता थी।' नीरव मोदी द्वारा फर्जी लेटर आफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के माध्यम से 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के 3 महीने बाद पीएनबी अब फिनैकल 10 अपनाया है।

मंगलवार को वित्त वर्ष के पहले कार्यदिवस पर पीएनबी ने स्विफ्ट को कोर बैंकिंग सिस्टम से अलग करने की व्यवस्था लागू करने का पहला चरण पूरा कर लिया।  पीएनबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'मंगलवार को सीबीएस से स्विफ्ट मैसेजिंग व्यवस्था को अलग किए जाने के बाद से दो सफल लेन देन हुए। हमने हर सोमवार को इसे अलग करने की प्रक्रिया बढ़ाने और 30 अप्रैल तक इसे पूरी तरह से लागू करने की योजना बनाई है।'
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