एलओयू पर प्रतिबंध से छोटे व मझोले उद्योगों पर होगा असर : रिपोर्ट

अद्वैत राव पालेपू | मुंबई Apr 04, 2018 09:50 PM IST

बैंकों द्वारा लेटर आफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और लेटर आफ कंफर्ट (एलसी) जारी करने पर प्रतिबंध होने के कारण भारत के आयातकों के लिए वित्तीय लचीलापन सीमित रहेगा, जिससे छोटे व मझोले कारोबारियों पर नकदी का दबाव होगा और वित्तपोषण की लागत बढ़ेगी। इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च ने यह कहा है।  रिजर्व बैंक ने सरकारी बैंक द्वारा हीरा क्षेत्र के दिग्गज नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को जारी एलओयू में धोखाधड़ी को देखते हुए 14 मार्च को आदेश जारी किया था। 2016-17 में प्रमुख 160 आयातकों के लिए कुल बॉयर क्रेडिट 331 अरब रुपये था, जिसमें से 312 अरब रुपरे बड़े आयातकों के थे। छोटे और मझोले आयातकोंं को सिर्फ 19 अरब रुपये मिले थे। 
 
इंडिया रेटिंग के अध्ययन में कहा गया है कि कुल ब्याज कवरेज छोटे व मझोले आयातकों के मामले मेंं 0.75 गुना हो गया है जो पहले 3.85 गुना था। बड़े आयातकों के मामले में यह 0.41 गुना है, जो पहले 4.03 गुना था।  आयातक बायर क्रेडिट पर बहुत पहले से निर्भर रहे हैं और इसे कार्यशील पूंजी के रूप मेंं इस्तेमाल करते रहे हैं। 
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