आभासी मुद्रा से जुड़ी इकाइयों की सेवा बंद करें बैंक : रिजर्व बैंक

भाषा | मुंबई Apr 05, 2018 05:57 PM IST

रिजर्व बैंक ने आज बैंक समेत सभी नियमित इकाइयों से बिटकाइन जैसी आभासी मुद्रा में लेन-देन करने वाली कंपनियों को सेवा नहीं देने को कहा। ग्राहकों के हितों की रक्षा तथा धन-शोधन पर लगाम लगाने के इरादे से यह निर्देश दिया गया है। वित्त वर्ष 2018-19 की अपनी पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद आरबीआई ने वैसे यह भी कहा कि आभासी मुद्रा समेत नए-नए प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तनों से वित्तीय प्रणाली की दक्षता में सुधार होगा तथा वह अधिक समावेशी होगी।     केंद्रीय बैंक ने कहा, हालांकि क्रिप्टो करेंसी और क्रिप्टो संपत्ति कही जाने वाली आभासी मुद्रा के चलन से उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण, बाजार में निष्पक्षता और धन-शोधन समेत अन्य बातों को लेकर चिंता बढ़ी है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने आभासी मुद्रा का उपयोग करने वालों, उसे रखने वालों तथा व्यापारियों को इससे संबद्ध जोखिम के संदर्भ में बार-बार आगाह किया है। आरबीआई ने इससे जुड़ी इकाइयों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए कहा, संबद्ध जोखिम को देखते हुए तत्काल प्रभाव से यह निर्णय किया गया है कि आरबीआई द्वारा नियंत्रित इकाइयां ऐसे किसी व्यक्ति या कारोबारी इकाइयों को सेवा उपलब्ध नहीं कराएंगी जो आभासी मुद्रा से जुड़े हों।    केंद्रीय बैंक ने आगे कहा है कि जो इकाइयां ऐसी सेवाओं में लगी हैं, वे निश्चित समयसीमा में इस प्रकार की सेवा देना बंद करेंगी।    रिजर्व बैंक ने कहा कि वह इस मामले में अलग से परिपत्र जारी करेगा।

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