आर्थिक अपराध शाखा ने 63 मून्स के 3 खाते जब्त किए

राजेश भयानी | मुंबई Apr 05, 2018 11:12 PM IST

एनएसईएल घोटाले की जांच कर रही मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा ने 63 मून्स टेक्नोलॉजिज (पूर्व में एफटीआईएल) के तीन खाते जब्त कर लिए। सूत्रों ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर कहा है कि इन्हीं खातों में पूर्व में जब्त 63 मून्स की परिसंपत्तियों से अर्जित 4.8 अरब रुपये का ब्याज जमा है। आर्थिक अपराध शाखा ने ओडीआईएन सॉफ्टवेयर का आईपीआर भी जब्त करने का प्रस्ताव किया है। 

63 मून्स ने एक बयान में कहा कि यह कदम कंपनी की कानूनी सीमा को कमजोर करने के लिए उठाया गया है, जो हमारा अविवादित कानूनी अधिकार है। नैशनल स्पॉट एक्सचेंज घोटाले की जांच करते हुए अपराध शाखा ने 63 मून्स की 19 अरब रुपये की परिसंपत्तियां पहले जब्त की थी, जिनमें शेयर, म्युचुअल फंड, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट आदि शामिल है। स्पॉच एक्सचेंज ने 13,000 निवेशकों के 56 अरब रुपये के भुगतान पर डिफॉल्ट किया है क्योंकि एक्सचेंज के 24 कर्जदार 14 अगस्त 2013 को निपटान के समय भुगतान करने में नाकाम रहे। इन परिसंपत्तियों की जब्ती से 19 अरब रुपये का ब्याज अर्जित हुआ और इस रकम को तीन बैंक खातों में जमा करा दिया, जिसे अब आर्थिक अपराध शाखा ने जब्त किया है। इसमें कुल 4.8 अरब रुपये हैं। 

अपराध शाखा ने ब्रोकरों की तरफ से इस्तेमाल सॉफ्टवेयर ओडीआईएन के बौद्धिक संपदा अधिकार को भी जब्त करने का प्रस्ताव किया है। इस सॉफ्टवेयर को एफटीआईएल ने विकसित किया था। इसे जब्त करने का प्रस्ताव महाराष्ट्र सरकार के पास लंबित है। राज्य सरकार की तरफ से जब्ती को अधिसूचित किए जाने के बाद ही इसे जब्त किया जा सकता है।

सूत्रों ने कहा, जब राज्य सरकार से ओडीआईएन के आईपीआर को जब्त करने की अनुमति मिलेगी तब इसकी रॉयल्टी आय एस्क्रो खाते में जमा कराई जाएगी, जिसका वितरण एनएसईएल के निवेशकों को होगा। अगर ऐसा होता है तो आर्थिक अपराध शाखा का यह बड़ा कदम होगा। हालांकि इसे जब्त करना और इस रकम के इस्तेमाल को बड़ी चुनौती माना जा रहा है क्योंकि 3 जब्त खाते में जमा 4.8 अरब रुपये का ब्याज ईओडब्ल्यू एनएसईएल के निवेशकों को तब तक नहीं कर सकता जब तक कि संबंधित न्यायाधिकार प्राधिकरण व अदालत से इसकी अनुमति न मिल जाए।
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