आरबीआई के फ रमान से क्रिप्टो करेंसी के निवेशक हलाकान

राजेश भयानी और संजय कुमार सिंह | मुंबई/नई दिल्ली Apr 06, 2018 09:43 PM IST

बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर पेशेवर आश्रित गोविंद क्रिप्टो करेंसी के नियमित निवेशक हैं लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा क्रिप्टो करेंसी पर वित्तीय संस्थानों को दिए गए निर्देश से वे संशंकित हैं। उन्होंने कहा, 'निवेशक के तौर पर मेरे पास विकल्प है कि तीन महीने के अंदर मैं अपना निवेश निकाल लूं या गुमनाम तरीके से इसका ट्रेड करूं।' उन्होंने कहा कि आम निवेशक के लिए बिटकॉइन और अन्य डिजिटल मुद्राओं में कारोबार करना लगगभग असंभव है। 23 वर्षीय गोविंद पिछले तीन साल से क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर रहे हैं। वह ग्राहकों से अपनी फीस क्रिप्टो करेंसी में भी स्वीकार करते रहे हैं। आरबीआई के निर्णय के बाद बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टो करेंसी की कीमतों में 25 फीसदी की गिरावट आई है, जिसका असर गोविंद जैसे कई निवेशकों पर पड़ा है। बिटकॉइन एक्सचेंज बिनेक्स डॉट ट्रेड के संस्थापक विशाल गुप्ता ने कहा, 'क्रिप्टो करेंसी बाजार के नियमन के लिए सरकार ने सुभाष गर्ग समिति गठित की है। लेकिन अब आरबीआई ने तीन माह में सभी बैंकिंग लेनदेन बंद करने को कहा है। आप किसी चीज पर इस तरह से रोक नहीं लगा सकते जिसमें काफी लोगों ने निवेश किया हो। यह एक तरह से क्रिप्टो करेंसी का विमुद्रीकरण जैसा है।'

 
आरबीआई ने मंगलवार को कहा था वित्तीय संंस्थानों को आभासी मुद्रा में कारोबार करने या सेवाएं मुहैया कराने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। इस तरह की सेवा देने वाली इकाइयों को अगले तीन महीने से इस तरह के संबंध खत्म कर लेने चाहिए। यह निर्देश सभी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, भुगतान वॉलेट आदि पर लागू होंगे। भारत में 50 लाख से ज्यादा निवेशक हैं, जो बिटकॉइन और अन्य प्रमुख क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया है या उसमें कारोबार करते हैं। अनुमान है कि आरबीआई के निर्देश के बाद इनकी संख्या 50 फीसदी तक घट सकती है। एक्सचेंजों पर गुमनाम तरीके से ट्रेडिंग करने का विकल्प होगा लेकिन यहां तक ज्यादातर लोगों की पहुंच नहीं होगी। कुछ लोग तो अभी से अपना निवेश निकालने लगे हैं। मुंबई में निजी कंपनी के एक कर्मचारी ने एक साल पहले खरीदे गए अपने बिटकॉइन को कम कीमत पर ही गुरुवार रात बेच दिया। उन्होंने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, 'अगर बैंक भविष्य बिटकॉइन की बिक्री हसे मिलने वाले पैसे को मेरे खाते में ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो मेरे पास कोई विकल्प नहीं होगा।'
 
हालांकि इस बीच अच्छी खबर है कि शुक्रवार को बिटकॉइन की कीमत में थोड़ी तेजी देखी गई। बिटकॉइन के एक डीलर ने बताया कि भारतीय बाजार में कम कीमत पर बिटकॉइन उपलब्ध होने से कई लोगों ने इस बाजार में प्रवेश किया है। वे विदेश में इसे बेच रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बिटकॉइन का कारोबार 6,650 डॉलर या 4,30,000 रुपये प्रति यूनिट पर हो रहा है जबकि भारत में इसकी कीमत 3,65,000 रुपये है। भारतीय एक्सचेंजों पर रिपल, लाइटकॉइन जैसी अन्य क्रिप्टो करेंसी की कीमत भी काफी कम हो गई है।
 
बाययूकॉइन के सह-संस्थाापक और मुख्य कार्याधिकारी शिवम ठकराल ने कहा, 'निवेशकों को आरबीआई के निर्देश से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि बैंकों को कारोबार समेटने के लिए तीन माह का वक्त दिया गया है। जो भी अपना क्रिप्टो करेंसी बेचना चाहते हैं वे तीन माह तक भारतीय एक्सचेंजों पर बेच सकते हैं और अपना बैंक खाते में अपना पैसा प्राप्त कर सकते हैं।' अगर आप तीन माह के अंदर उसे नहीं बेचते हैं तो आपको नुकसान हो सकता है। हालांकि इससे निवेश निकालना कठिन होगा लेकिन असंभव नहीं है। एक विकल्प यह है कि विदेश में बसे अपने परिवार के सदस्यों या दोस्तों को अपनी होल्डिंग हस्तांतरित कर सकते हैं। वे विदेश में इसे बेचकर आपके खाते में पैसे डाल सकते हैं।
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