अविस्टा की दोनों फर्मों का नुकसान बढ़ा

देव चटर्जी और सचिन मामबटा | मुंबई Apr 06, 2018 09:50 PM IST

आईसीआईसीआई बैंंक की एमडी व सीईओ चंदा कोछड़ के देवर राजीव कोछड़ की भारत में पंजीकृत दो कंपनियों का संयुक्त नुकसान वित्त वर्ष 2016-17 में 1.62 करोड़ रुपये रहा, जो चार साल में सबसे ज्यादा है।  बताया जाता है कि राजीव कोछड़ के मालिकाना हक वाला सिंगापुर के अविस्टा एडवाइजरी समूह ने आईसीआईसीआई बैंक के क्लाइंटों के विदेशी कर्ज पुनर्गठन में मदद की। गुरुवार को सीबीआई ने राजीव कोछड़ से मुंबई एयरपोर्ट पर पूछताछ की थी। उन्हें उस समय जाने दिया गया था, लेकिन शुक्रवार को पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया।

 
बिजनेस स्टैंडर्ड ने अविस्टा कॉरपोरेट फाइनैंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड और अविस्टा एडवाइजरी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड के वित्तीय लेखाजोखा पर नजर डाली है। दोनों ही भारत में पंजीकृत कंपनियां हैं और इसके मालिक राजीव कोछड़ हैं। अविस्टा कॉरपोरेट फाइनैंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2017 व वित्त वर्ष 2017 में नुकसान दर्ज किया था। अविस्टा एडवाइजरी एसोसिएट्स ने चारों साल नुकसान दर्ज किया, हालांकि इसका परिचालन सीमित नजर आ रहा है। नुकसान के लिहाज से हाल के वर्षो में वित्त वर्ष 2017 दोनों कंपनियों के लिए सबसे खराब रहा।
 
अविस्टा एडवाइजरी एसोसिएट्स का राजस्व वित्त वर्ष 2014-16 के बीच 10,056 रुपये से 2,65,751 रुपये के दायरे में रहा था। वित्त वर्ष 2017 में इसका राजस्व शून्य था। इससे कंपनी ने 82,084 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया। कंपनी ने इस बारे में बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों पर कोई टिप्पणी नहीं की। राजीव कोछड़ से सीबीआई ने वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंंक की तरफ से दिए गए कर्ज में कथित गड़बड़ी पर पूछताछ की थी। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या वीडियोकॉन को यह कर्ज दीपक कोछड़ की व्यक्तिगत कंपनी न्यूपावर में कंपनी के निवेश के बदले दिया गया था। न्यूपावर, आईसीआईसीआई बैंक बोर्ड व वीडियोकॉन ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है।
 
कोछड़ बंधु मुंबई के वित्तीय गलियारे में फ्रांस में 1990 के दशक में साख स्थापित करने के लिए मशहूर हैं। हालांकि दोनोंं भाई 2000 के दशक में अलग हो गए। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव शरद उपासनी के दामाद राजीव कोछड़ बाद में सिंगापुर चले गए और अविस्टा एडवाइजरी समूह की स्थापना की। पिछले छह सालों में अविस्टा को सात कंपनियों के विदेशी मुद्रा वाले 1.7 अरब डॉलर से ज्यादा कर्ज को पुनर्गठित कराने का काम मिला। इन सभी कंपनियों ने आईसीआईसीआई बैंक के कर्जदार थे। कम से कम एक सौदे में आईसीआईसीआई बैंक लेनदारों का अग्रणी बैंक था, यह जानकारी इंडियन एक्सप्रेस ने दी है।
कीवर्ड ICICI, bank, CBI,

  
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