'मुश्किल वक्त ने दिया मौका'

सोमेश झा और इंदिवजल धस्माना |  Apr 06, 2018 09:51 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक को 130 अरब रुपये घोटाले के चलते हुए नुकसान से उबरने का भरोसा है। बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी सुनील मेहता ने सोमेश झा और इंदिवजल धस्माना से बात की। प्रमुख अंश

 
किन वजहों से आपको छह महीने में पीएनबी के उबरने का भरोसा है?
 
इसकी कई वजहें हैं। आरबीआई ने नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) भेजे गए खाते के मामले में प्रावधान की अनिवार्यता 50 फीसदी से घटाकर 40 फीसदी कर दी है। इस मामले में पहली सूची के नौ खाते के साथ हमारे बैंक का कर्ज मोटे तौर पर 110 अरब रुपये है जबकि दूसरी सूची के 20 खातों के साथ 65 अरब रुपये का कर्ज जुड़ा है। उन मामलों में हमने 50 फीसदी का प्रावधान किया है और अगर हमें 10 फीसदी वापस मिलता है तो हें प्रावधान की अनिवार्यता का करीब 18 अरब रुपये मिलेगा।
 
रकम तो  दिवालिया मामलों में फंसी है?
 
हमारा बैंक एनसीएलटी की प्रक्रिया में भागीदारी कर रहा है, खास तौर से स्टील क्षेत्र से जुड़े मामलों में। ये सभी खाते अभी समाधान के चरण मेंं हैं और बोली खुल गई है। ऐसे में हमें इसके लिए किए गए प्रावधान के मुकाबले काफी ज्यादा रकम मिलने वाली है और यह हमारे लाभ में योगदान करेगा। हमें मोटे तौर पर 570 अरब रुपये का एनपीए पोर्टफोलियो मिला है और करीब 250 अरब रुपये बट्टे खाते वाली रकम है।
 
मौजूदा वित्त वर्ष में आप किन संपत्तियों को बेचने की कोशिश में हैं?
 
अभी हमने कुछ नहीं कहा है कि कौन सी संपत्ति बिकने वाली है। अच्छे मूल्यांकन किे मुताबिक हम उसका निपटारा कर देंगे।
 
हाल में समाप्त तिमाही कैसी रही है?
 
मार्च तिमाही में हमें नुकसान रहेगा। लेकिन मैं इस पर अभी टिप्पणी नहीं कर सकता। हमारा अंकेक्षण अभी चल रहा है, ऐसे में जब यह पूरा हो जाएगा तब हम इस पर और बात कर सकते हैं। 
 
परिचालन लाभ के बारे में क्या कहेंगे?
 
हम परिचालन लाभ दर्ज करते रहे हैं और हाल में समाप्त तिमाही में यह जारी रहेगा।
 
क्या हर तिमाही में एक चौथाई नुकसान के लिए प्रावधान का पालन करेंगे?
 
हमें इस पर काम करना होगा। नतीजे की घोषणा के समय आंकड़ों का खुलासा करेंगे।
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